कुशीनगर। बिहार को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर नाकेबंदी के बाद पशु तस्कर घाघी नदी मैनपुर होते हुए कुलकुला स्थान के साथ पशुओं की तस्करी का मामला प्रकाश में आया था। एसपी को जानकारी होने के बाद इस रूट पर गश्त बढ़ा दी गई है।
एसपी केशव कुमार शुक्रवार की आधी रात को अचानक चौराखास थाने पर पहुंचे। अभिलेखों के रख रखाव के अलावा थाना क्षेत्र के भौगोलिक स्थिति को समझने के बाद बार्डर पर बनी बनकटा चौकी पर गए। मातहतों से सख्त लहजे में कहा कि अगर पशुओं की तस्करी हुई तो जेल जाने के लिए तैयार रहें। किसी भी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र पशुओं की तस्करी को लेकर हमेशा चर्चा रहा है। कारण है इसकी भौगोलिक परिस्थिति। राष्ट्रीय राजमार्ग 28 से जुड़े इस थाना क्षेत्र की सीमा कसया, चौरा खास, पटहेरवा, सेवरही, विशुनपुरा व कुबेरस्थान थानों से जुड़ी हैं। क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग भी है। वहीं घाघी नदी और ऐसे सुनसान कई छोटे जंगल है जहां पूर्व में आपराधिक गतिविधियां होती रही हैं। इसी थाना क्षेत्र से जुड़े चौरा खास की भी सीमा बिहार के कटेया गोपालगंज और देवरिया से जुड़ती है। ऐसे में तुर्कपट्टी और चौरा खास के सुनसान इलाकों में गोवंश को लोड कर तुर्कपट्टी और चौरा खास के इलाके होते हुए भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर तस्कर आधे घंटे में बिहार चले जाते हैं। पुलिस इस क्षेत्र में केवल मुख्य सड़कों पर गश्त और जांच-पड़ताल करती है, जबकि सुनसान इलाके तस्करी को गति देते रहे हैं।
एसपी एक सप्ताह पूर्व तुर्कपट्टी क्षेत्र के इन इलाकों को जानने के बाद बैरियर की जांच की और अचानक शुक्रवार को इसी क्षेत्र से जुड़ने वाले चौरा खास क्षेत्र पहुंच गए। कुछ माह पूर्व चौराखास थाना के जौरा मुगलही गांव में गांव वालों ने पशु तस्करों को घेराबंदी कर पकड़ लिया था। इस दौरान एक पशु तस्कर युवक को चाकू मारकर भाग गया था, जबकि दूसरे पशु तस्कर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
सूत्रों के अनुसार, बताया गया था कि जिस जगह पर ग्रामीणों ने घेराबंदी कर पिकअप को पकड़ा वहां पिछले कई साल से सुनसान इलाके में बेजुबानों को गाड़ियों पर लोड कर कभी मधुरिया होते हुए फाजिलनगर वाया कटेया पंचदेवरी तो कभी बनकटा होते हुए कटेया भोरे की ओर निकल जाते थे।
चौरा खास थाना क्षेत्र में पिकअप पर भले ही गाड़ियों पर गोवंश लोड होते थे लेकिन मुख्य रूट तुर्कपट्टी क्षेत्र ही था।