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सड़क हादसे में चचेरी बहन और भाई की मौत, मां घायल

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सड़क हादसे में चचेरी बहन और भाई की मौत, मां घायल
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खुखुंदू (देवरिया)। बड़हरा ईंट-भट्ठे के समीप रविवार शाम एक बाइक में जीप में टक्कर मार दी। हादसे में बाइक पर सवार चचेरी बहन और भाई सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
सभी को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजवाया गया। जहां स्थिति गंभीर देख तीनों को डाक्टरों ने मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज ले जाते समय भाई-बहन की रास्ते में मौत हो गई। जबकि मां की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना के दौरान मृतक मां और चचेरी बहन को लेकर सलेमपुर बाजार करने जा रहा था।
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खुखुंदू थाना क्षेत्र के महुई श्रीकांत निवासी आशीष यादव (19) पुत्र प्रेम यादव बाइक से अपनी मां मंजू देवी (42) एवं चचेरी बहन माधुरी (26) को साथ लेकर सलेमपुर बाजार करने जा रहा था। वह मुसैला-मगहरा मार्ग पर अभी बड़हरा ईंट-भट्ठे के पास पहुंचा था कि पीछे से तेज रफ्तार से आ रही जीप ने बाइक में ठोकर मार दी। जिससे दोनों महिलाएं नीचे गिर पड़ीं। हालांकि ठोकर मारने के दौरान बाइक जीप में फंस गया। जिससे आशीष बाइक सहित वाहन में घसीटते काफी दूर तक चला गया। स्थानीय लोगों ने सभी घायलों को जिला अस्पताल भेजवाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने वाहन का पीछा कर पकड़ लिया। जबकि चालक भाग निकला। पुलिस के मुताबिक चार पहिया वाहन में ठेके की शराब लदी थी। एसओ जितेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज ले जाते समय भाई- बहन की मौत हो गई। मृतक आशीष की मां का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। वाहन कब्जे में ले लिया गया है।
भाई के दीर्घायु की कामना करने से पूर्व ही चल बसी बहन
भैया दूज पर हर बहनें अपने भाई के दीर्घायु की कामना करती हैं, लेकिन पर्व के कुछ घंटे पूर्व ही एक हादसे में चचेरे भाई और बहन ने एक साथ दम तोड़ दिया। वाकया देवरिया जिले के खुखुंदू के महुई श्रीकांत गांव की है। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही दोनों शव एक साथ गांव पहुंचे, परिवार में चीख-पुकार मच गई। दोनों शवों का बरहज के सरयू नदी किनारे अंतिम संस्कार किया गया।
खुखुंदू के महुई श्रीकांत निवासी प्रेम यादव के तीन संतानों में आशीष यादव सबसे बड़ा था। वह इंटरमीडिएट का छात्र था। घर का बड़ा बेटा होने से पूरे परिवार का लाडला था। चचेरी बहन माधुरी भी चार भाई, बहनों में सबसे बड़ी थी। उसकी शादी आठ साल पहले भलुअनी थाना क्षेत्र के फुलवरिया गांव में अनिल यादव के साथ हुई थी। उसके दो छोटे बच्चे हैं। जिसमें एक छह माह का बच्चा है। वह भैया दूज और छठ पूजा के लिए घटना से चार दिन पूर्व दोनों बच्चों को साथ लेकर मायके आई थी। रविवार शाम को वह अपने बच्चों को घर छोड़ आशीष और चाची मंजू देवी के साथ बाजार करने निकली।
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एक साथ जलीं भाई-बहन की चिताएं
पोस्टमार्टम के बाद सबसे पहले भाई-बहन का शव महुई श्रीकांत गांव पहुंचा। एक साथ गांव में पहुंचे दो शवों को देख हर कोई गमगीन हो गया। उधर, मायके और ससुराल वालों ने दोनों शवों का एक साथ ही अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। मायके से माधुरी का शव उसके ससुराल वाले लेकर फुलवरिया चले गए। वहां से फिर अंतिम संस्कार के लिए बरहज ले गए। इसके बाद दोनों चिताएं एक साथ जलीं। इस दौरान मौजूद लोगों की आंखें आंसुओं से भर आई।
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