- केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार नदी लाल निशान से 63 सेमी उपर
संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। पहाड़ पर हो रही बारिश की वजह से सरयू नदी के जलस्तर में लगातार तीसरे दिन भी बढ़त जारी रही। तुर्तीपार रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर रविवार दोपहर दो बजे 64 मीटर 93 सेमी दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 63 सेमी से उपर है। आयोग ने अगले 24 घंटे जलस्तर में वृद्धि का पुर्वानुमान लगाया है। नदी का पानी रिहायशी इलाकों की ओर पहुंचने लगा है, जिससे तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
सरयू नदी का तेवर अब धीरे-धीरे तबाही मचाने का ताना-बाना तैयार कर रहा है। स्थिति यह है कि अब नदी का पानी रिहायशी इलाकों में घुसने लगा है। नदी का रौद्र रूप देखकर ग्रामीण काफी दहशत में हैं। क्षेत्र के दर्जनों से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी के जलस्तर में वृद्धि को देख कर ऐसा लगने लगा है कि आने वाले दिनों में बाढ़ की स्थिति और भी विकराल हो सकती है। तहसील प्रशासन ने भी बाढ़ की आशंका को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार तुर्तीपार रेगुलेटर पर दोपहर 2 बजे 64 मीटर 93 सेमी दर्ज किया गया, जो खतरे निशान 64 मीटर 30 सेमी से 63 सेमी ऊपर है। वहीं रविवार को नदी का जलस्तर 64 मीटर 70 सेमी था। 24 घंटे में 23 सेमी की बढ़ोत्तरी हुई है। बरहज के एसडीएम अंगद यादव ने बताया कि नदी में बाढ़ को देखते हुए सभी बाढ़ चौकियों पर तहसील कर्मचारियों को मौजूद रहने को कहा गया है। निगरानी की जा रही है। तहसील प्रशासन अलर्ट है।
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देवरहा बाबा आश्रम पानी से घिरा, सड़क के उपर चढ़ा पानी
देवरहा बाबा आश्रम पर जाने वाली सड़क के उपर से पानी बहने लगा है, जिससे आश्रम पर जाने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। आश्रम की गायों को चारे का संकट पैदा हो गया है। आश्रम के महंथ श्याम सुंदर दास महाराज ने कहा कि प्रशासन को चाहिए कि जल्द से जल्द नाव या बोट की व्यवस्था करे। श्रद्धालुओं और आश्रम से आने जाने के लिए बोट की व्यवस्था नहीं होगी तो आश्रम पानी से चारों तरफ से घिर गया है। पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो 24 घंटे में आश्रम से संपर्क टूट जाएगा।