फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Deoria News: ओमान में लापता वीरबहादुर की तलाश जारी, विदेश मंत्रालय ने दिया मदद का भरोसा

Sat, 17 Oct 2026 12:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
विज्ञापन
विज्ञापन
बरहज। ओमान में जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद पांच दिन से लापता बड़का गांव निवासी वीरबहादुर यादव का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। इस बीच शुक्रवार को विदेश मंत्रालय के दिनेश राणा ने उनके भाई से फोन पर करीब सात मिनट तक बातचीत की। उन्होंने परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उधर परिजन नियोक्ता कंपनी के अफसरों और जहाज के कैप्टन से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। परिजन का कहना है कि कंपनी के अफसरों ने आश्वासन दिया है कि विजय वीर बहादुर की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन


वीरबहादुर छह माह पहले पहली बार मर्चेंट नेवी के माध्यम से ओमान गए थे। 11 अक्तूबर को जहाज पर हुए ड्रोन हमले के बाद वह और उनके साथी अमित सिंह लापता हो गए। बताया जा रहा है कि जहाज करीब एक माह से बंदरगाह पर खड़ा था और वहां मरम्मत का काम चल रहा था। घटना के समय दोनों जहाज के अगले हिस्से में डेक पर मरम्मत कार्य में सहयोग कर रहे थे।

परिजन के अनुसार, कंपनी के निदेशक सेवाराम पांडेय और जहाज के कैप्टन ने बताया है कि हमले के बाद से ही लापता लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पांच दिन बाद भी कोई जानकारी नहीं मिलने से परिवार के लोग चिंतित हैं और वीरबहादुर की सलामती की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
विज्ञापन


..

एक दिन पहले बड़े भाई मंटू से आधे घंटे तक हुई थी बातचीत

वीरबहादुर यादव ने घटना से एक दिन पहले रात में दोस्त के मोबाइल से बड़े भाई मंटू यादव से आधे घंटे तक बातचीत की थी। मंटू का कहना है कि बातचीत में वीरबहादुर बता रहे थे कि दो दिन पहले एक बड़ी जहाज पर ड्रोन से हमला हुआ है। उनके आंखों के सामने लोग जहाज का मलबा बटोर रहे थे। जहाज पर हमला होने और वीरबहादुर के लापता होने की जानकारी मिलने पर मां मंजू देवी, बहन गिरिजा और रीना का रो-रो कर बुरा हाल है। परिवार के सदस्य किसी अनहोनी की आशंका को लेकर सकते में हैं।

..

डीएम ने दूतावास से संपर्क करने को कहा

घटना के पांच दिन बाद भी प्रशासन की तरफ से पीड़ित परिवार का किसी अधिकारी ने हाल नहीं पूछा है। इससे परिवार वालों में नाराजगी है। वीर बहादुर के बड़े भाई मंटू यादव ने बताया कि प्रशासन से मदद के लिए शुक्रवार को वह कलेक्ट्रेट गए और डीएम मधुसूदन हुल्गी से मिलकर अपनी बात कही। उनका कहना है कि प्रार्थना पत्र लेने के बाद डीएम ने दूतावास से संपर्क कर वार्ता की बात कहते हुए केबिन से बाहर जाने के लिए कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें