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टप्पेबाजी गिरोह के पांच सदस्य गिरफ्तार, उन्नाव से चुराई गई बोलेरो, गांजा और नकदी बरामद

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टप्पेबाजी गिरोह के पांच सदस्य गिरफ्तार, उन्नाव से चुराई गई बोलेरो, गांजा और नकदी बरामद
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देवरिया। बिहार और पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों में टप्पेबाजी कर रुपये उड़ाने वाले गिरोह का कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार को पर्दाफाश किया है। गिरोह के पांच सदस्यों को उन्नाव जनपद से चुराई गई बोलेरो के साथ गिरफ्तार कर इनके पास से रुपये और गांजा बरामद किया गया है।
सुबह कोतवाल राजू सिंह और एसएसआई विपिन मलिक को मुखबिर ने सूचना दी कि कोतवाली क्षेत्र के पुरवा चौराहे के पास कुछ संदिग्ध लोग एक बोलेरो के साथ मौजूद है। इस पर पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और एक नाबालिग चोर समेत पांच को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए व्यक्तियों के पास से बरामद बोलेरो के बारे में जब पुलिस ने पड़ताल की तो पता चला कि उन्नाव के अजगैन थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज है। आगे पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह बिहार और पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से टप्पेबाजी कर रुपये और माल उड़ाता है। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान अमरजीत कुमार निवासी बरौली थाना-तेगरा, गोविंद पांडेय निवासी डुमरी थाना सिंघौल ,रवि पांडेय निवासी तेगरा थाना तेगरा, रमेश तिवारी निवासी डूमरी थाना सिंघौल जनपद बेगूसराय बिहार के रूप में हुई। इनमें से किशोर को छोड़ कर सभी के पास से एक झोले में 850-850 ग्राम गांजा और 2500-2500 रुपये बरामद हुए हैं। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्नाव के हसनगंज कस्बे से वर्ष 2019 में बोलेरो चुराई गई थी। गिरफ्तार करने वाली टीम में दरोगा अश्विनी सिंह, सिपाही शशांक पाठक, रोशन यादव, रमेश यादव और शशिकांत रहे।
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रेलवे स्टेशन रोड व्यापारी का उड़ाया था 2.25 लाख
इस गिरोह ने 26 मार्च को रेलवे स्टेशन रोड की एक दुकान के पास खड़ी बाइक से झोले में रखा 2.25 लाख रुपये उड़ा लिया था। पकड़े जाने पर पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि गिरोह ने आपस में बांट लिया था। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।
मीरगंज का गोलू है गिरोह का सरगना
बिहार और पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों की पुलिस के नाक में दम करने वाला गिरोह का सरगना मीरगंज का गोलू है। इस गिरोह में करीब एक दर्जन शातिर बदमाश है। पकड़ा गया गोविंद गोरखपुर में दो बार जेल जा चुका है। अभी कुछ दिन पहले यह गिरोह खामपार में डेरा जमा कर घटना को अंजाम देने वाला था।
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होटल है ठिकाना
गिरोह के सदस्य एक जगह पर डेरा जमा कर घटना को अंजाम नहीं देते है। अधिकांश गोरखुपर, कुशीनगर, बलिया, आजमगढ़, देवरिया, महाराजगंज, फैजाबाद, बस्ती आदि जनपदों में जाते है। जहां पर महंगे होटल में निवास करते है। जिससे पुलिस को भी शक नहीं होता है। इस गिरोह को पकड़ने के लिए दूसरे जनपद की पुलिस फिराक में थी लेकिन स्थाई ठिकाना न होने के कारण पुलिस की पकड़ से दूर रहते थे।
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