नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने के चलते नदी के जलस्तर में हो रही है वृद्धि, लोगों की चिंता बढ़ी
24 घंटे के दौरान नदी के जलस्तर में 16 सेमी की हुई बढ़ोत्तरी
संवाद न्यूज़ एजेंसी
भागलपुर। पहाड़ों पर हो रही बारिश की वजह से सरयू नदी में लगातार तीसरे दिन भी बढ़त जारी रही। तुर्तीपार रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर शुक्रवार दोपहर शाम 4 बजे 64 मीटर 88 सेमी दर्ज किया गया जो खतरे के निशान से 58 सेमी ऊपर है। आयोग ने अगले 24 घंटे के दौरान जल स्तर में वृद्धि का अनुमान लगाया है। नदी का पानी रिहायशी इलाकों की ओर पहुंचने लगी है जिससे तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
सरयू नदी का तेवर अब धीरे-धीरे तबाही मचाने ताना-बाना तैयार कर रहा है। स्थिति यह है कि अब नदी का पानी रिहायशी इलाकों में घुसने लगा है। पिछले 24 घंटे में नदी का रुख देखकर ग्रामीण काफी दहशत में हैं। क्षेत्र के दर्जनों से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। तहसील प्रशासन ने भी बाढ़ की शंका को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार तुर्तीपार रेगुलेटर पर शुक्रवार शाम 4 बजे नदी का जलस्तर 64 मीटर 88 सेमी दर्ज किया गया। यह रेगुलेटर पर अंकित खतरा निशान 64 मीटर 30 सेमी से 58 सेमी ऊपर है। वहीं बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर 64 मीटर 72 सेमी रिकार्ड हुआ था। 24 घंटे के दौरान नदी के जलस्तर में 16 सेमी की बढ़ोत्तरी हुई है। बरहज के एसडीएम अंगद यादव ने कहा कि नदी का जलस्तर बढ़ रहा है इसको देखते हुए सभी बाढ़ चौकियों पर तहसील कर्मचारियों को मौजूद रहने को कहा गया है। लगातार नदी के जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है।