भागलपुर। सरयू नदी ने विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मंगलवार की शाम चार बजे जलस्तर खतरे के निशान से एक सेमी ऊपर पहुंच गया।
जलस्तर में यदि ऐसे ही इजाफा होता रहेगा तो नदी का पानी गांवों में घुसने लगेगा। सरयू के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट हो गया है।
केंद्रीय जल आयोग से मिली सूचना के अनुसार, नेपाल और पहाड़ों पर हो रही मूसलाधार बारिश और बैराजों से लगातार लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के चलते नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
सरयू का जलस्तर सोमवार को स्थिर रहने के बाद मंगलवार की सुबह से तीन सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। सोमवार को शाम चार बजे नदी का जलस्तर गेज पर 63 मीटर 61 सेमी रिकाॅर्ड किया गया था। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 41 सेमी की बढ़ोतरी हुई। नदी में तीन सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि हो रही है।
केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार, मंगलवार की शाम चार बजे नदी का जलस्तर मीटर गेज पर 64 मीटर 02 सेमी रिकाॅर्ड किया गया। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 41 सेमी की वृद्धि हुई है। मीटर हेड पर अंकित खतरा निशान 64 मीटर एक सेमी है।
आयोग ने अगले 24 घंटे के दौरान नदी के जलस्तर में वृद्धि होने का अनुमान लगाया है।
देवरहा बाबा आश्रम पर जाने वाली सड़क के पास नदी पानी पहुंचने लगा है।
प्रशासन ने बाढ़ राहत के लिए भागलपुर बीजीएम इंटर काॅलेज, जूनियर हाईस्कूल मईल, हाईस्कूल तेलिया कला, प्राथमिक विद्यालय बढ़ौना में बाढ़ राहत चौकी स्थापित किया है।
बरहज के एसडीएम शशिकांत मणि ने बताया कि बाढ़ की आशंका को लेकर प्रशासन मुस्तैद है। पूर्व के सालों में स्थापित बाढ़ राहत चौकियों को ही इस साल भी राहत चौकी बनाया गया है। क्षेत्र में तहसील कर्मचारियों को तैनात कर निगरानी रखने को कहा गया है।ब