पांच सीएचसी व पीएचसी प्रभारियों का वेतन रोका
देवरिया। कोरोना से बचाव को टीकाकरण कराने के लिए शासन व प्रशासन गंभीर है। जिले में 12 से 14 वर्ष के बच्चों के टीकाकरण लक्ष्य से कम हुआ है। इसमें कुछ सीएचसी व पीएचसी के जिम्मेदारों की ओर से लापरवाही बरती जा रही है।
बच्चों को पहली डोज लगाने में कम प्रगति दिखने पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आलोक पांडेय ने भागलपुर, भटनी, रामपुर कारखाना तरकुलवा और सलेमपुर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, बीपीएम एवं बीसीपीएम के मई का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
जिले में 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों व किशोरों का टीकाकरण किया जा रहा है। इसके तहत सलेमपुर में लक्ष्य के सापेक्ष 25.86 प्रतिशत, भटनी में 26.62 प्रतिशत, भागलपुर में 28.34 प्रतिशत, रामपुर कारखाना में 42.81 प्रतिशत एवं तरकुलवा में 33.30 प्रतिशत बच्चों को टीका लगाया जा चुका है। जनपद की औसत उपलब्धि 67.62 प्रतिशत है। यह लक्ष्य से काफी कम है। इससे जाहिर है कि टीकाकरण कार्य में रुचि नहीं ली जा रही है।
सीएमओ ने कहा कि इन केंद्रों की वजह से जिले में टीकाकरण की लक्ष्य प्राप्ति प्रभावित हो रही है। उन्होंने सभी प्रभारियों को चेतावनी दी कि यदि टीकाकरण कार्य में इसी प्रकार की लापरवाही जारी रहेगी तो अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।