संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। पिड़रा-करनपुर बांध पर कटाननिरोधी कार्य की धीमी रफ्तार कछार क्षेत्र के 64 गांवों में कोहराम मचा सकती है। गोर्रा नदी से 64 गांवों की रक्षा के लिए बना तीन किमी लंबा पिड़रा-करनपुर बांध पर पिड़रा गांव के पास जबरदस्त कटान हो रही है। काटनरोधी कार्य की सुस्त चाल से ग्रामवासी भयभीत हैं। गांव के पूर्वी छोर पर हो रही कटान को यदि समय से पहले दुरुस्त नहीं किया गया तो आधे गांव का अस्तित्व मिट सकता है। करीब दो दर्जन मकान जमींदोज हो सकते हैं। शुक्रवार को कार्यस्थल का जायजा लेने पर पता चला कि लाखों रुपये की लागत से हो रहा कटानरोधी कार्य रह रहकर रुक जा रहा है।
बरसात सिर पर आने के बाद भी निरोधात्मक कार्य पूरा नहीं होने से ग्रामवासी दहशत में हैं। पिड़रा-करनपुर बाध पर पिड़रा के पास कटानरोधी कार्य की धीमी गति से ग्रामीणों में संभावित बाढ़ के खतरा से भय व्याप्त है। पिड़रा निवासी संजय सिंह, गुडडू सिंह, मुन्ना सिंह ने कहा कि गांव के पास गोर्रा नदी के कटान को रोकने के लिए बोरी में मिट्टी डालकर पिचिंग किया जा रहा है, जो धीमी गति से कराने के कारण पूरा नहीं हो पाया है। इधर नदी का जल स्तर भी बढ़ रहा है जिससे कटान रोधी कार्य में दिक्कत हो रही है।
कटान रोधी कार्य पूर्ण नहीं हुआ तो पिड़रा गांव के अस्तित्व पर संकट पैदा हो जाएगा। सिंचाई विभाग के एसडीओ रविशंकर यादव ने कहा कि निरोधात्मक कार्य तेजी से हो रहा है। कार्य समय से पूरा हो जाएगा।