संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। मानसून के दस्तक देने के बाद सरयू नदी में पानी बढ़ने लगा है। नदियों के उफान से हर साल आने वाली बाढ़ से लोग आशंकित हैं। सरयू पार परसियां-विशुनपुर देवार में पीडब्ल्यूडी बांध से 52 मजरों और गैर जनपद के गांवों की सुरक्षा की जाती है। यदि पीडब्ल्यूडी का बांध टूटा तो भारी तबाही मच सकती है।
जबकि बाढ़ से पहले किए जाने वाले बचाव कार्य नाकाफाी दिख रहे हैं।उधर, सरयू नदी पार परसियां-विशुनपुर देवार में करीब आधा दर्जन जगहों पर कटान होने लगी है। लोगों के अनुसार, मऊ जनपद के धर्मपुर निवासी भोला, अमरजीत, माधव, रवींद्र आदि का खेत परसियां देवार में है।
जहां नदी बदस्तूर कटान कर रही है। एक सप्ताह पूर्व मोहन सेतु के निकट नदी में हो रहे बेतहाशा कटान से पुराना पीपल का पेड़ भहरा गया था।बाढ़ से बचाव के स्थायी इंतजाम न होने और पीडब्ल्यूडी का बांध जर्जर होने के कारण बाढ़ के पानी के दबाव से इनके टूटने की आशंका बनी रहती है।
तटवर्ती इलाके के लोगों के अनुसार, प्रत्येक वर्ष बंधे पर मरम्मत और कटानरोधी कार्य कराया जाता है, मगर स्थिति ज्यों की त्यों बनी रहती है। इस बार भी परसियां देवार के बरमहवां टोला में विभाग की ओर से मरम्मत कार्य शुरू कराया गया है, मगर पांडेय टोला के पास, राजधारी यादव के घर के सामने, कोमल यादव के घर के पास बांध जर्जर है।
गांव के रमाशंकर यादव, छोटेलाल, शंकर प्रसाद, मंजनाथ, संजय यादव आदि का कहना है कि करीब दो साल पहले बाढ़ के समय बांध में रिसाव होने लगा था। किसी तरह काबू पाया गया था।
लोगाें का कहना है कि बरसात के मौसम में नदी का पानी बंधे पर दबाव बनाता है, जबकि खेत-खलिहान के रास्ते गांवों और घरों तक पहुंच जाता है। इसके कारण अधिकतर मोहल्लों के संपर्क मार्ग टूट जाते हैं। आवागमन नाव के सहारे होता है।