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जिला अस्पताल में हंगामा, मरीज मर्ज लेकर लौटे

Mon, 26 Feb 2018 11:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला देवरिया
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सीएचसी में इलाज कराने आए मरीज। - फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। डॉक्टरों मनमानी मरीजों पर भारी पड़ रही है। दूरदराज से जिला अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों को वापस लौटना पड़ रहा है। सोमवार को ओपीडी में मरीजों का तांता लगा रहा, वहीं डॉक्टरों का टोटा रहा। इसके चलते 400 से अधिक मरीज बिना इलाज कराए ही लौट गए। इससे नाराज मरीजों-तीमारदारों ने अस्पताल में हंगामा किया।
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जिला अस्पताल के ओपीडी में सोमवार को मरीजों की भीड़ रही। सुबह 10 बजे जिला अस्पताल का ओपीडी तो खुला था, लेकिन तब तक कोई डॉक्टर नहीं बैठा था। कुछ देर बाद एक डॉक्टर अपने चेंबर में बैठे। कुछ मरीजों का आरोप है कि घंटों से इंतजार कर रहे मरीजों को देखने के बजाय उन्होंने ‘सिफारिशी’ मरीजों को तवज्जो दी और उन्हें देखना शुरू कर दिया। इस पर वहां सुबह आठ बजे से इंतजार कर रहे लोगों ने हंगामा कर दिया। हंगामा होता देख डॉक्टर चले गए। इमरजेंसी में गंभीर मरीजों को भी नहीं देखा। 
उनके अलावा अन्य डॉक्टरों के चेंबर भी खाली पड़े रहे। सोमवार को 1423 मरीजों ने इलाज के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। दो बजे के बाद 400 से अधिक मरीजों को बिना इलाज कराए वापस लौटना पड़ा। हसबुदीन, रामकुमारी, उदय कुमार पाल, रंभू भगत, मनीष आदि का आरोप है कि जिला अस्पताल में समय से डॉक्टर नहीं बैठ रहे हैं। इनका यह भी आरोप है कि दलालों के जरिए निजी क्लीनिक पर शाम को मोटी फीस लेकर सरकारी डॉक्टर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। सीएमएस डॉ. छोटेलाल ने बताया कि मरीजों की भीड़ सोमवार को अधिक थी। डॉ. एमएम वर्मा समेत कई डॉक्टर अस्पताल में मौजूद थे। कई डॉक्टर वार्डों में भर्ती मरीजों को देखने चले गए थे जबकि ओपीडी में मरीजों को देखने के बाद डॉ. डीके सिंह जेल ड्यूटी के लिए चले गए थे। मरीजों की सहूलियत के लिए सभी डॉक्टरों को समय से ओपीडी में बैठने की हिदायत दी गई है।
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