रामपुर बुजुर्ग। यूपी-बिहार के सीमावर्ती क्षेत्र में तस्करी का धंधा जोरों पर है। बार्डर एरिया के कई गांवों से रोजाना शराब की तस्करी हो रही है। सलेमपुर-मैरवा मुख्य मार्ग से होने वाली तस्करी में अधिकांशतः तस्कर यूपी के रामपुर बुजुर्ग पुलिस चौकी से शराब पार कर दे रहे हैं। हालांकि इस चौकी से कुछ ही दूर स्थित बिहार के मैरवा थाने के धरनी छापर चेकपोस्ट पर शराब पकड़ लिया जा रहा है।
बता दें कि बिहार में शराब बंदी के बाद से बिहार सीमा से सटे कई गांव शराब तस्करी का हब बन चुके हैं। क्षेत्र के जंजीरहा, ताली मठिया, रामपुर बुजुर्ग, एकडंगा, रामकोला, बरिगहवा, पकड़ी नरहिया, सुन्दरपार, बनकटा जगदीश, बनकटा चित्रसेन, दरगेचक, हाता, बंकुल, भवानी छापर आदि गांवों में तस्कर सक्रिय हैं और रोजाना शराब की तस्करी की जा रही है। शातिर तस्कर कम उम्र के लड़कों को रुपयों का लालच देकर इस धंधे में उतार रहे हैं। चर्चा है कि सीमावर्ती क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मी भी इन तस्करों को संरक्षण देते हैं जिससे कि इनकी बड़ी खेप यूपी के चेकपोस्टों पर नहीं पकड़ी जाती हैं।
बिहार के चेकपोस्ट पर बरामद होती है शराब
रामपुर बुजुर्ग। यूपी और बिहार को जोड़ने वाले सलेमपुर मैरवा मार्ग पर बनकटा थाना क्षेत्र का रामपुर बुजुर्ग पुलिस चौकी और इससे लगभग दो सौ मीटर की दूरी पर बिहार का धरनी छापर पुलिस चेकपोस्ट स्थित है।
पिछले वर्ष के आंकड़ों को देखा जाय तो धरनी छापर चेकपोस्ट पर कई बार शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई किंतु आश्चर्य की बात है कि उसी रास्ते से होकर आने के बावजूद रामपुर पुलिस चौकी के कर्मियों को इन तस्करी की भनक भी नहीं लगी। धरनीछापर चेकपोस्ट पर बिहार पुलिस ने 4 दिसम्बर को एक ट्रक से 297 पेटी, मठिया मोड़ से बिहार के ही गुठनी थाना ने 180 लीटर, 23 अगस्त को धरनीछापर से ही चार बाइक व एक तस्कर के साथ 507 ली, 20 अगस्त को ताली मठिया से दो अलग अलग खेप में स्कार्पियो व दो तस्कर के साथ 540 लीटर व एक अन्य चारपहिया वाहन में रख कर बिहार ले जा रहे 378 ली शराब के साथ दो लोगों को बिहार पुलिस ने पकड़ा।