बसपा के टिकट पर पहली बार 2009 में चुने गए थे सांसद
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। सपा प्रत्याशी रमाशंकर राजभर पहली बार रविंद्र कुशवाहा के पिता को हरा कर सांसद हुए थे, अब उनके बेटे को हराकर दूसरी बार सांसद निर्वाचित हुए हैं। इसके पहले चार बार के सांसद रहे हरिकेवल प्रसाद को हराया था। उसके बाद हरिकेवल प्रसाद फिर सांसद नहीं हुए।
पहले चुनाव में चार बार के सांसद हरिकेवल प्रसाद को रमाशंकर राजभर ने हराकर तीसरे स्थान पर पहुंचा दिया था। सपा ने इस बार रामशंकर राजभर को हरिकेवल प्रसाद के बेटे और भाजपा से दो बार से लगातार सांसद रविंद्र कुशवाहा के खिलाफ चुनाव मैदान में उतार कर मुकाबला रोचक बना दिया था।
रमाशंकर राजभर वर्ष 2009 में बसपा से पहली बार सांसद चुने गए थे। उनके सामने सपा ने चार बार के सांसद हरिकेवल प्रसाद कुशवाहा को उतारा। इसमें सपा के हरिकेवल प्रसाद तीसरे स्थान पर पहुंच गए। जबकि कांग्रेस के भोला पांडेय दूसरे स्थान पर रहे। रमाशंकर राजभर 1,75,088 मत, दूसरे स्थान पर रहे भोला पांडेय को 1,56,783 व हरिकेवल प्रसाद को 1,35,414 मत मिला था। रमाशंकर राजभर 27.19 प्रतिशत मत पाकर पहली बार सांसद निर्वाचित हुए थे। रमाशंकर राजभर से पराजित होने के बाद हरिकेवल प्रसाद फिर सांसद नहीं हुए। उनके निधन के बाद उनके बेटे रविंद्र कुशवाहा वर्ष 2014 से लगातार भाजपा से सांसद हैं। रविंद्र कुशवाहा को वर्ष 2014 में 3,92213 मत 45.89 फीसदी मत मिले थे। सपा को 1,59,871 और 18.70 फीसदी मत मिले थे। जबकि 2019 के चुनाव में रविंद्र कुशवाहा को सबसे ज्यादा 4,67940 व 50.72 फीसदी मत मिले।