देवरिया/बरहज। रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य जल्द शुरू होगा। इससे आवागमन में सहूलियत होगी। 80 प्रतिशत से ज्यादा मुआवजा का भुगतान कर दिया गया है। यह मार्ग अयोध्या से बिहार को जोड़ता है। सड़क चौड़ीकरण से व्यवसाय को भी गति मिलेगी। यह मार्ग एनएच 227-ए है।
सड़क से जुड़े गांवों के लोग इसके बनने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अधिकांश किसानों के खाते में मुआवजे की रकम पहुंच चुकी है। शेष राशि भी जल्द भेज दी जाएगी। विभाग की ओर से सड़क किनारे के पेड़ों की कटान करा दी गई है। इसके साथ ही विद्युत पोल शिफ्ट करा दिए गए हैं। जनपद में कपरवार स्थित उग्रसेन पुल से मेहरौना बार्डर तक रामजानकी मार्ग का निर्माण भारतमाला श्रृंखला के तहत किया जाना है। इसके लिए किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई है। 363 करोड़ की धनराशि किसानों में वितरित किया जा चुका है। शेष 90 करोड़ रुपये वितरित किया जाना है। 80 फीसदी से ज्यादा मुआवजा वितरण होने के बाद अब सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू होगा। बिहार से अयोध्या की राह होगी आसान : रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण से बिहार से अयोध्या की राह आसान होगी। कपरवार से कुंडौली तक सड़क 10 मीटर, जबकि मेहरौना स्थित बिहार बार्डर तक 19 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी। किसानों में मुआवजा वितरण का कार्य जारी है। सड़क के बन जाने से व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा। कुछ जगहों पर है मुआवजे का पेच : बरहज। भारतमाला श्रृंखला के तहत कुल करीब 61 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण किया जाना है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद एनएच की ओर से कार्य तेजी से कराया जा रहा है। वहीं कहीं-कहीं मुआवजा का पेच फंसा हुआ है। जिससे निर्माण कार्य में विलंब होने की संभावना है। कपरवार के अखिलेश सिंह, ज्ञानेश्वर सिंह, हनुमान गुप्त आदि का कहना है कि कुछ लोगों का भुगतान हो चुका है, जबकि कुछ का बाकी है। लोगों का यह भी कहना है कि जमीन और भवन के मुआवजे में उनके स्वामियों को भुगतान देने की बात की गई थी, लेकिन भवन स्वामी अभी भी मुआवजे को लेकर कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं।
हमीरपुर में अंबेडकर सम्मान यात्रा निकालते हुए कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता। स्रोत : संवाद