बरहज। भलुअनी क्षेत्र के लंगड़ा बाजार के भगवानपुर टोला निवासी राकेश चौहान (33) के शरीर से अंग गायब होने के मामले में पत्नी रंजना ने शिपिंग कंपनी पर मानव अंगों की तस्करी करने का आरोप लगाया है।
राकेश की पत्नी रंजना ने बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय पर एएसपी दक्षिणी को ज्ञापन सौंपा। प्रधानमंत्रीऔर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई।
भगवानपुर टोला निवासी रामदेव चौहान और स्व. शीला देवी के दो संतान राकेश और मुकेश थे। पिता रामदेव चौहान मुंबई में कारोबार करते हैं। पूरा परिवार मुंबई रहता है।
राकेश नवंबर 2025 में एक्सफिनिटी कंपनी की तरफ से पानी के जहाज पर काम शुरू किया था। वह दूसरी बार वेनेजुएला गया था। परिवार के अनुसार, जून को फोन पर घरवालों को राकेश के जहाज पर गिरकर घायल होने की सूचना दी गई।
अगले दिन दोबारा हालत नाजुक होने और शाम को मौत की सूचना गई। घटना पर दुख जताते हुए एक सप्ताह में शव घर भेजने का भरोसा भी दिलाया गया।
एक माह बाद घर लाया गया शव : राकेश का शव चार जून को घर भेजा गया। परिवार वालों का कहना है कि मौत की सूचना के करीब महीने भर बाद शव घर आने पर पर शरीर पर जगह-जगह चीरा लगा होने का निशान दिखा।
आशंका वश उन लोगों ने डीएम से मिलकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखकर उनकी आशंका सच साबित हुई। राकेश के शरीर से आंतरिक अंग निकाले गए हैं। पत्नी रंजना देवी ने शिपिंग कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।