संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से नगर समेत जिले में जगह-जगह सड़कों पर जलभराव हो गया। इससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। कई स्थानों पर घरों से निकलना भी दूभर हो गया।
खुखुंदू प्रतिनिधि के अनुसार, मूसलाधार बारिश से एक बार फिर यहां के उपकेंद्र का परिसर जलमग्न हो गया। पानी कंट्रोल रूम के अंदर तक घुस गया है। कई कस्बों सहित ढाई सौ गांवों की आपूर्ति दिनभर ठप रही है। कर्मचारियों के प्रयास से शाम साढ़े पांच बजे आपूर्ति सुचारू हुई। जेई मिथिलेश कुमार ने बताया कि जलनिकासी होने के बाद कंट्रोल रूम को गैस सिलेंडर जलाकर नमी सुखाई गई और फिर शाम साढ़े पांच बजे आपूर्ति सुचारू कर दी गई।
रुद्रपुर और एकौना प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश का कहर सरांव खुर्द गांव में जमकर टूटा। बृहस्पतिवार को चक्रवाती तूफान का असर दर्जन परिवारों पर पड़ा। बारिश के कारण कैथवलिया, सिकड़िया, पिड़हनी, बैदा, भिरवा, सचौली पटवनिया, गाजन डहरौली, पिड़रा, सोनबह, इस्लामाबाद गांव के संपर्क मार्ग पानी से डूब गए।
नगर के पुराना चौक से बस स्टेशन रोड पर करीब एक फीट तक पानी लग गया। बरसात का पानी दुकानों में घुस गया। रोडवेज परिसर में एक साल से जमा पानी ऊफना कर सड़कों पर बहने लगा। इससे उठ रही दुर्गंध के बीच से लोगों को नाक बंद कर गुजना पड़ा। लाला टोली वार्ड में कई स्थानों पर जल भराव हो गया। रुद्रपुर गौरीबाजार मार्ग पर सतासी इंटर कॉलेज के सामने गड्ढे में पानी लगने से लोगों को दिक्कत हुई। दुग्धेश्वरनाथ मंदिर के समीप समेत, मलह टोली वार्ड, आजाद नगर वार्ड, दुग्धेश्वरनाथ वार्ड, बरई टोला वार्ड में लोगों के घरों के सामने पानी जमा हो गया। एसडीएम संजीव कुमार उपाध्याय ने कहा कि नगर के सफाई कर्मचारियों को जल जमाव दूर करने का निर्देश दिया गया है। बरसात से हुई क्षति का जायजा लेने के लिए लेखपालों को निर्देशित किया गया है।
भाटपाररानी प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश से विंध्यवासिनी कॉलोनी, डोमडीह, रामपुर लिटिहा, शिव मंदिर वार्ड, बीआरसी परिसर, लाखोपार रोड आदि स्थानों पर पानी भर गया। लोगों ने डीएम से भाटपाररानी नगर की जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।
बरहज प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश से तहसील, ब्लॉक, स्कूल, खेत-खलिहान, नाली-नाला और सड़कों पर पानी लग गया। दूसरी ओर कपरवार के रामलीला मैदान, पश्चिमपुरा मार्ग पर जलभराव होने से मोहल्ले के लोगों की सांसत बढ़ गई है।
पालिका ने कराई थी निकासी, फिर भरा पानी
पंद्रह दिन पहले हुई बारिश के जलभराव से नगर के लोग उबर नहीं पाए थे कि बारिश ने फिर मुसीबत बढ़ा दी है। यहां पालिका ने पंपिंग सेट से पानी की निकासी कराई थी। सबसे ज्यादा परेशानी रामगुलाम टोला पूर्वी वार्ड के लोगों को उठानी पड़ रही है। दो पेड़वा के पास घर बनाए लोग परेशान हैं। जिन पगडंडी रास्तों के सहारे लोग आवाजाही करते थे उनपर पानी लगा है। सड़कें भी पानी से डूबी हुई हैं। यही हाल चटनी गड़ही मोहल्ले का है। 25-30 परिवार ऐसे हैं जिन्हें कीचड़ और पानी भरे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। अलीनगर, शहीदनगर, पिड़रा, बाबू बभनी, चकियवां मंगलमपूरम फेज के बासिंदो दुश्वारी झेलने को मजबूर हैं। यहां के लोग पानी की निकासी के लिए एक बार फिर नगर पालिका की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। कारण की यहां जल निकासी के लिए नाली का इंतजाम नहीं है। पंपिंगसेट के सहारे ही पानी निकाला जा सकता है।
जिला अस्पताल बना तालाब
शुक्रवार को हुई बारिश के बाद जिला अस्पताल परिसर तालाब बन गया। इसके चलते इलाज कराने आए मरीज गेट से ही लौटने को मजबूर हुए। शहर के कई मुख्य मार्ग भी जलभराव के चपेट में आ गए हैं। जलकल के पीछे की सड़क, पोस्टमार्टम परिसर, सिविल लाइंस से स्टेडियम, पीडब्लूडी डाक बंगला की ओर जाने वाली सड़क पर जलभराव के कारण राहगीरों को रास्ता बदलना पड़ा।
लोगों ने बयां की पीड़ा
मंगलमपुरम के अनिल कुमार राम बोले, लंबे समय से दुश्वारी झेलने के बाद किसी तरह हम लोगों के दरवाजे तक खड़ंजा नहीं बना। सड़क ऊंची नहीं होने से इसपर पानी लगा है। लंबे समय से पानी जमा होने के कारण फिसलन बढ़ गई है। आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। यहीं के बृजमोहन दत्त पांडेय ने बताया कि घर की नींव ऊंची न होती यहां से पलायन करना पड़ता। गुहार के बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे। रामगुलाम टोला पूर्वी के अमित श्रीवास्तव बोले, दरवाजे के सामने सड़क पर घुटने भर पानी लगा है। आवाजाही में दिक्कत हो रही है। यहां जल निकासी का कोई इंतजाम नहीं है। यहीं के शहीद सिद्दीकी बोले, सभासद से बार-बार कहने के बाद भी सड़क नाली का निर्माण नहीं हो पा रहा।
बारिश से धान की फसल को नुकसान, किसान परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
पड़री बाजार। तीन दिन से हो रही बारिश और तेज हवाओं के चलने से धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। इससे किसान परेशान हैं।
दुबौली गांव के प्रगतिशील किसान बृहस्पति दूबे ने कहा कि इस बार धान की फसलें अच्छी थी धान की बाली निकल गई थी। बारिश से फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। पड़री बाजार के युवा किसान वीरराज गुप्ता ने बताया कि कई सालों से धान जब पकने का समय आ रहा है तो इसी प्रकार तूफान से फसलें बर्बाद हो जा रहीं हैं। पड़री पांडेय गाव के किसान प्रदीप पांडेय ने बताया कि कितनी मेहनत से हम लोग खेती करते हैं लेकिन कुछ ना कुछ व्यवधान पड़ ही जाता है। रवि की फसल हो या खरीफ कोई सुरक्षित नही है।
कम्हरियां गांव के युवा किसान किशुनदेव प्रसाद ने कहा कि खरीफ की फसल अब सुरक्षित नहीं रह गई हैं। पड़री पांडेय गांव के द्वारिका पांडेय कहते हैं कि महंगे दाम का बीज खरीद कर बोया गया था ताकि पैदावार अच्छी होगी। सबकुछ ठीक चल रह था लेकिन बारिश व तेज हवा से धान की फसलें काफी बर्बाद हो गई हैं।
90- बैदा गांव में आबादी के बीच लगा बरसात का पानी- फोटो : DEORIA