रुद्रपुर। ‘भजन गाने कभी मंदिर में रसखान आते हैं, मंजर देखने ऐसे वहां भगवान आते हैं। फिरकापरस्ती उस गांव को छू नहीं सकती, बनाने राम की मूरत जहां रहमान आते हैं।’ कुशीनगर के मशहूर शायर राजेश राही का यह शे़र पूर्वांचल की गंगा-जमुनी तहजीब से प्रेरित होकर लिखा गया था। इसी तहजीब की मिसाल होली पर निबही गांव में नजर आई तो यह शेर जेहन में याद आ गया। होली का रंग यहां मुस्लिम भाइयों पर भी खूब चटख दिखा। होली खेलें रघुबीरा का राग अलापते ‘रहमान’ को देखते ही बना।
बृहस्पतिवार को गांव में हिंदू -मुसलमान एक साथ होली के उमंग में शामिल हुए। उन्होंने एक दूसरे को अबीर -गुलाल लगाकर गले लगाया। इस अवसर पर पूरा गांव रंगों से सराबोर था। गांव में ढोल -नगाड़ों की थाप पर जमकर फगुआ गाया गया।
त्योहारों पर अक्सर विवादित रहने वाला निबही गांव के लोगों ने इस होली में आपसी भाईचारे का संदेश दिया। प्रशासन गांव की हर गतिविधियों पर नजर बनाए था।
नव निर्वाचित ग्राम प्रधान अरसद अंसारी उर्फ गुड्डू की पहल पर इस होली में पहली बार गांव का हर हिंदू और मुसलमान अमन और शांति कायम करने में योगदान दिया।
ग्राम प्रधान सुबह जागरूक और पढ़े-लिखे मुसलमानों की टोली लेकर गांव में हिंदुओं के दरवाजे पर अबीर- गुलाल लगाकर होली की बधाई देने निकले। ग्राम प्रधान के इस कदम की सराहना हुई।
देखते ही देखते गांव में हिंदू मुसलमानों का कारवां चल पड़ा। सैकड़ों की संख्या में हिंदू मुसलमानों की टोली पूरे गांव में घूम कर एक दूसरे को गले लगाकर होली की बधाई देने लगी।
पूरा गांव घूमने के बाद प्रधान अरसद के दरवाजे पर फगुआ गीत का आयोजन किया गया। रामबृक्ष यादव, महेंद्र यादव, उमेश कुमार, मोईन खान, शमसाद अंसारी, फसीउल्लाह, नौसाद अली, शारदा आदि मौजूद रहे।