संवाद न्यूज एजेंसी
बघौचघाट। पथरदेवा और बंजरिया में निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी पर सोमवार को छापे से हड़कंप मच गया। कई संचालक अस्पताल छोड़कर भाग गए, जबकि कुछ अस्पतालों में मरीज मिले जिनका ऑपरेशन हुआ था, मगर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था।
एक अस्पताल पहले से कागज में सील है, पर चलता मिला। मरीज का इलाज करते मिले झोलाछाप को फटकार लगाई गई। सीएचसी पथरदेवा के चिकित्सा प्रभारी डॉ. प्रभात कुमार रंजन ने सहयोगी कर्मचारियों के साथ क्षेत्र के निजी अस्पतालों पर छापा मारा। चिकित्सा प्रभारी ने बताया कि वह पहले प्रजापति अस्पताल पथरदेवा पहुंचे, जहां तीन मरीज भर्ती थे।
इसमें दो महिलाओं का बच्चेदानी और एक महिला का पथरी का ऑपरेशन हुआ था। अस्पताल बगैर लाइसेंस के चल रहा था, यहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। संचालक ने बताया कि लाइसेंस के लिए आवेदन हुआ है। तब तक जिले के आदेश से चल रहा है।वहीं सिनेमा रोड पर संचालित फातिमा और मेडिकेयर के संचालक छापे की सूचना पर अस्पताल बंद है का बोर्ड लगा कर भाग गए।
कॉलेज रोड पर सुशील अस्पताल खुला था, पर कोई डॉक्टर नहीं था। संचालक ने बताया कि लाइसेंस के लिए आवेदन किया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि कॉलेज रोड में संचालित न्यू आस्था अस्पताल पहले मायाजी नाम से चलता था, इस अस्पताल में एक महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया था। सील तोड़कर उसमें न्यू आस्था नाम से पुनः संचालित किया जा रहा है।
पूछने पर संचालक ने सही उत्तर नहीं दे पाए। इसके बाद डॉक्टर की टीम हेल्थ लैब सिनेमा रोड पहुंची, जहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था और जांच की जा रही थी।