बड़हलगंज के सिधुआपार में पुष्पा यादव की हत्या भतीजे (जेठ का लड़का) गोपाल यादव ने चरित्र पर संदेह होने पर कोरिया में बैठकर कराई थी। उसने उधारी में दिए गए सात लाख रुपये माफ कर अपने दोस्त की मदद से बलिया के शूटरों से वारदात कराई थी। पुलिस ने घटना का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि घटना को अंजाम देने वाले मऊ के मधुबन निवासी मिथिलेश उर्फ लालू और गोविंद यादव को एक दिसंबर को ही बलिया के उभांव गांव में गिरफ्तार कर लिया गया था। साजिशकर्ता की गिरफ्तारी की प्रक्रिया भी की जा रही है।
आरोपितों की पहचान बड़हलगंज के मरवटिया निवासी उमेश यादव, देवरिया के मदनपुर इलाके के हरदेउरा निवासी श्रीकांत यादव और मदनपुर निवासी विश्वनाथ के रूप में हुई है। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए बदमाशों के बारे में जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि एक आरोपित उमेश की सीसी टीवी फुटेज घटना के समय ही पुलिस के हाथ लग गई थी। इसी के बाद जांच आगे बढ़ाई गई। जांच में पता चला कि विश्वनाथ और श्रीकांत यादव सगे भाई हैं। विश्वनाथ ने पत्नी को प्रधानी चुनाव लड़ाने के लिए गोपाल यादव से सात लाख रुपये लिए थे। गोपाल ने विश्वनाथ से कहा था कि रुपये नहीं लेगा मगर चाची की हत्या करा दें। रुपये वापस ना करना पड़े इस वजह से उसकी बातों में विश्वनाथ आ गया। इसके बाद उसने भाई श्रीकांत को शामिल किया। दोनों भाइयों ने मिलकर अपने दोस्तों से संपर्क किया। मिथिलेश और गोविंद रुपये पर हत्या करने को तैयार हो गए।
एसएसपी ने बताया कि साजिश रच 22 नवंबर को मिथिलेश व गोविंद ने पुष्पा यादव की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या करने के बाद दोनों को अवैध शस्त्र रखने के आरोप में बलिया पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इधर, घटना के पर्दाफाश के लिए बड़हलगंज, एसओजी व सर्विलांस की संयुक्त टीम जुटी हुई थी। पुलिस ने घटना के सीसीटीवी में बाइक लेकर भाग रहे तीन युवकों की फुटेज की फोटो जारी कर दी थी। इसमें उमेश यादव की फोटो को एक मुखबिर ने पहचान लिया था। बुधवार सुबह पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि उमेश घटना में शामिल अन्य आरोपितों से मिलने के लिए कपरवार जा रहा है। बड़हलगंज थाना, एसओजी व सर्विलांस की संयुक्त टीम ने टेढ़ियाबंधा से सीधेगौर पटना मार्ग पर उमेश यादव, श्रीकांत यादव व विश्वनाथ यादव को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपितों को पुलिस ने जेल भेज दिया।
इसी वजह से पुष्पा अलग रहती थी
पुष्पा यादव मूलरूप से देवरिया के मदनपुर थाने के फकईपुर की रहने वाली थीं। उनका भतीजा गोपाल यादव कोरिया में रहता है। पुलिस के मुताबिक, 2017 में पुष्पा के पति दयानंद यादव की मौत हो गई। इसके बाद पुष्पा कुछ लोगों से मिलती-जुलती थीं। इसका घर वालों ने विरोध किया तो वह बड़हलगंज में रहने लगी थीं लेकिन यह बात घरवालों को पसंद नहीं थी। गोपाल इसे लेकर काफी परेशान रहता था और फिर उसने हत्या की साजिश रची।