बैतालपुर। गन्ना विकास परिषद बैतालपुर के कार्यालय में किसानों और संचालक मंडल की बैठक हुई। इसमें गन्ना किसानों से जुड़ी समस्याओं, बकाया गन्ना मूल्य भुगतान और गन्ना आपूर्ति को सुचारु बनाने सहित कई मुद्दों पर चर्चा की गई। इस दौरान प्रतापपुर चीनी मिल से जुड़े दो नए क्रय केंद्र बनाने के निर्णय पर सहमति बनी।
किसानों ने समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग उठाई। संचालक मंडल ने किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक पहल किए जाने पर जोर दिया। बैठक में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान का मुद्दा प्रमुखता से उठा। किसानों ने कहा कि समय से गन्ने का भुगतान नहीं होने पर उन्हें खेती की अगली तैयारियों और घरेलू जरूरतों के लिए आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस पर संचालक मंडल और कार्यकारिणी के सदस्यों ने किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए भुगतान संबंधी विषय पर आवश्यक स्तर पर पहल करने की बात कही।
आगामी पेराई सत्र के दौरान गन्ना आपूर्ति को सुगम और व्यवस्थित बनाने पर भी मंथन हुआ। किसानों का कहना था कि क्रय केंद्रों का उचित संतुलन नहीं होने से कई क्षेत्रों के किसानों को अपनी उपज निर्धारित चीनी मिल तक पहुंचाने में परेशानी होती है। इसको देखते हुए ढाढ़ा और प्रतापपुर चीनी मिल को गन्ना आपूर्ति करने वाले क्रय केंद्रों की संख्या में संतुलन बनाए जाने की मांग रखी गई। विशेष रूप से प्रतापपुर चीनी मिल के लिए दो अतिरिक्त गन्ना क्रय केंद्र बढ़ाने का प्रस्ताव बैठक में रखा गया।
किसानों का कहना था कि अतिरिक्त केंद्र स्थापित होने से संबंधित क्षेत्र के किसानों को नजदीक में गन्ना तौल की सुविधा मिलेगी। इससे गन्ने की ढुलाई में लगने वाला समय और खर्च कम होगा तथा किसान अपनी उपज समय से चीनी मिल तक पहुंचा सकेंगे। बैठक में इस प्रस्ताव को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखने पर सहमति बनी।
किसानों ने गन्ना आपूर्ति व्यवस्था में पारदर्शिता और किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देने की मांग की। संचालक मंडल के सदस्यों ने भी किसानों से जुड़े मुद्दों को संबंधित स्तर पर उठाने और समाधान के लिए प्रयास करने का भरोसा दिया। बैठक में कार्यवाहक अध्यक्ष राधिका देवी, अनिल मणि त्रिपाठी, विजय प्रताप सिंह, राजीव मणि, बेचन मणि, प्रेम शंकर मणि, सूर्य प्रकाश मणि व केन यूनियन के सचिव मोतीराम आदि मौजूद रहे।