तहसीलदार कोर्ट के फैसला सुनाने से पहले दो बार राजस्व विभाग की दस सदस्यीय टीम के साथ सरकारी जमीन की पैमाइश कराई गई। पैमाइश के दौरान मौके पर एसडीएम, तहसीलदार सहित राजस्व विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे।
इस दौरान आरोपियों के अधिवक्ता भी मौजूद रहे, लेकिन उन्होंने पैमाइश में पैमाने का सही उपयोग नहीं होने का आरोप लगाया। प्रेम यादव के अधिवक्ता गोपी नाथ यादव ने कहा कि मामले में अवैध कब्जे के नोटिस से लेकर सारी कार्रवाई आपाधापी में की गई।
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तहसीलदार कोर्ट ने दबाव के कारण जल्दबाजी में फैसला दे दिया। यह फैसला ऊपर की अदालत में टिकने वाला नहीं है। इस फैसले से नैसर्गिक न्याय का हनन हो रहा है। अपील की फाइल तैयार की जा रही है। न्याय के लिए जिला मजिस्ट्रेट के कोर्ट में अपील की जाएगी।
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दूबे परिवार के पांच सदस्यों की हत्या के आरोपियों के घरवालों को उनके घर जमींदोज होने का डर सता रहा है। तहसीलदार न्यायालय से बेदखली का फैसला आने के बाद बृहस्पतिवार को प्रेम यादव की पत्नी शीला देवी ने आशियाना बचाने की भावुक अपील की। उन्होंने कहा-ससुर रामभवन यादव ने पाई-पाई जोड़कर मकान बनाया था। वह भारतीय सेना में सैनिक थे। यह मकान सरकार न छीने।
उन्होंने कहा- यह मेरे परिवार के सपनों का घर है। मकान गिरा तो बच्चों को सिर छिपाने की जगह तक नहीं बचेगी। पति के जाने के बाद मेरी दुनिया उजड़ गई है। अब उसे और बर्बाद न किया जाए। मेरे चार मासूम बच्चों पर रहम करें। मेरे देवर और ससुर जेल में बंद हैं। उनके पास मकान के सारे कागजात हैं। जब तक वह जेल से रिहा नहीं हो जाते, सरकार को कार्रवाई स्थगित कर देनी चाहिए। पति की हत्या के बाद मेरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा गया है। देवर की पत्नी और उसके दो अबोध और दिव्यांग बच्चों को लेकर मेरा परिवार कहां जाएगा।
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उन्होंने कहा कि सरकार को मानवता का परिचय देना चाहिए। मामले को लेकर घिनौनी राजनीति हो रही है। प्रेम यादव की बेटी अंशिका ने कहा-सरकार को एकतरफा और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। मेरे घर पर नोटिस चस्पा कर दिया गया है। मकान पर बुलडोजर चलाने की धमकी दी जा रही है। हमने भी अपने पिता को खोया है। हमारे साथ न्याय होना चाहिए।
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बता दें कि देवरिया जिले में रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर गांव में 2 अक्तूबर को सुबह छह बजे जमीन के विवाद में एक पूर्व जिला पंचायत सदस्य की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। इससे गुस्साएं पूर्व जिला पंचायत सदस्य के पक्ष के लोग दूसरे पक्ष के घर में घुसकर पति, पत्नी और उसकी तीन संतानों को गोली मारकर और धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी, जबकि एक बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया।