रुद्रपुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रुद्रपुर की स्टाफ नर्स के सरकारी आवास में उसकी चार महीने की गर्भवती भाभी का संदिग्ध परिस्थितियों में शनिवार की रात शव मिला। उसके गले और सिर पर चोट के निशान मिले हैं। रविवार सुबह जानकारी होने पर मायके पक्ष के लोगों ने रुद्रपुर कोतवाली पहुंचकर ससुराल वालों पर दहेज के लिए गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
पुलिस ने मृतका की मां की तहरीर पर पति, सास, ननद (स्टाफ नर्स) सहित पांच लोगों पर दहेज हत्या और प्रताड़ना की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस ने स्टाफ नर्स और पति समेत चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
मृतका गुड़िया (32) का मायका रुद्रपुर तहसील क्षेत्र के एकौना थाना क्षेत्र के करहकोल गांव में है। उसकी शादी करीब पांच साल पहले गोरखपुर जिले के सहजनवां थाना क्षेत्र के चांदबारी गांव निवासी चमन लाल विश्वकर्मा के साथ हुई थी। उसकी तीन साल की बेटी ज्ञानवी है।
चमन लाल की बहन पूर्णिमा रुद्रपुर सीएचसी में स्टाफ नर्स हैं। परिवार की देखभाल के लिए उसने शादी नहीं की है। चमन लाल परिवार के साथ बहन के सरकारी आवास में ही रहता है।
शनिवार की रात करीब एक बजे डायल 112 को सीएचसी में महिला की हत्या किए जाने की सूचना मिली। पुलिस के मुताबिक, मौके पर जब कोतवाली पुलिस पहुंची तो गुड़िया कमरे के भीतर बिस्तर पर मृत पड़ी थी। उसके गले और सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। एसपी अभिजित आर. शंकर, सीओ राजेश चतुर्वेदी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।
रिश्तेदारों के बीच दो बार हुई थी पंचायत, फिर भी नहीं माने :
मृतका की मां लालती देवी ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग दहेज की मांग को लेकर गुड़िया को प्रताड़ित कर रहे थे। इस विवाद को सुलझाने के लिए रिश्तेदारों के बीच दो बार पंचायत भी हुई थी। इसके बावजूद ससुराल वालों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ।