देवरिया। सदर ब्लॉक के बढ़या बुजुर्ग में श्रीमद्भावत कथा के चौथे दिन रविवार को भक्त ध्रुव की कथा सुनाई गई। इसके माध्यम से भगवान के प्रति अटल भक्ति का महिमा कथाव्यास ने बताई।
कथा का रसपान कराते हुए पंडित सच्चिदानंद ने बताया कि भक्त ध्रुव ने अपनी सच्ची भक्ति और तपस्या से भगवान को प्रसन्न किया। आचार्य ने बताया कि जब ध्रुव को उनकी विमाता सुरुचि द्वारा अपमानित किया गया और पिता की गोद से उतार दिया गया।
तब नारद मुनि के उपदेश से ध्रुव ने वन में जाकर कठोर तपस्या की। भगवान की कृपा से ध्रुव को अचल पद (ध्रुव तारा) की प्राप्ति हुई, जो आज भी आकाश में चमक रहा है और भक्तों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस दौरान डॉ. बीबी सिंह, ओपी सिंह, डॉ. आत्माराम सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद