बरहज। नगर के पैना रोड स्थित कान्हा गोशाला के निकट बृहस्पतिवार की शाम सिसईंगुलाब राय गांव निवासी पीआरडी के जवान और प्रधान पति चंद्रभान यादव 50 वर्ष पुत्र रामअवध को कुछ मनबढ़ों ने घेरकर उन्हें मारपीट कर गंभीर रुप से घायल कर दिया। जिन्हें इलाज के लिए महर्षि देवराहा बाबा और गोरखपुर स्थित बाबा राघवदास मेडिकल कालेज ले जाया गया। जहां उनकी मौत हो गई। जानकारी होने पर घर में कोहराम मच गया। पीआरडी के जवान से मारपीट की वजह लोग दिन में बच्चों के विवाद को लेकर होना बता रहे हैं।
सिसईंगुलाब राय निवासी पीआरडी के जवान और प्रधान पति चंद्रभान यादव किसी काम से बरहज आये थे। जो शाम को नंदलाल यादव के साथ वापस घर जा रहे थे। लोगों के अनुसार दोनाें लोग रामजानकी मार्ग स्थित कान्हा गोशाला के निकट पहुंचे थे। इसी बीच पहले से मौजूद पांच-सात की संख्या में मनबढ़ों ने उन्हें घेर लिया। वह भागना चाहे। लेकिन सभी उन्हें मारने-पीटने लगे। जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। विवाद होता देख आसपास के लोग भी जुट गए। लेकिन उन्हें बचाने के लिए कोई आगे नहीं आया। सूचना पर मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस को आता देख सभी मनबढ़ भाग निकले। आननफानन में घायल पीआरडी के जवान को इलाज के लिए ले जाया गया। चंद्रभान के मौत की जानकारी होने पर पत्नी और प्रधान राधिका देवी का रो-राे कर बुरा हाल था। जबकि दत्तक पुत्र संगम बदहवास हो गया था। इनके मौत को लेकर प्रधानों और ग्रामीणों में आक्रोश है। सीओ रुद्रपुर अंशुमन श्रीवास्तव ने कहा कि सिसईंगुलाब राय के प्रधान पति के साथ कुछ मनबढ़ों द्वारा मारपीट करने की घटना सामने आई थी। पता कराता हूं।
बच्चों के झगड़े में तो नहीं गई पीआरडी के जवान की जान!
बरहज। क्षेत्र के सिसईंगुलाब राय गांव में दोपहर करीब 12 बजे चंद्रभान यादव और भोला यादव के घर के बच्चों के बीच विवाद हो गया। चंद्रभान ने बच्चों को डांट-डपटकर विवाद समाप्त करा दिया था। चंद्रभान के मौत की वजह लोग झगड़े से जोड़कर देख रहे हैं। गोशाला के निकट मारपीट के दौरान कुछ बाहरी मनबढ़ों के शामिल होने की बात भी कही जा रही है। सिसईंगुलाब राय गांव निवासी रामअवध और प्रेमा देवी के पांच संतानों में चंद्रभान तीसरे नंबर के थे। वह पीआरडी के जवान थे। जो बरहज थाने में तैनात थे। लोगों के अनुसार इस बार के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में चंद्रभान ने अपनी पत्नी राधिका देवी को मैदान में उतारा था। लोगों का कहना है कि मिलनसार स्वभाव के कारण ग्रामीणों ने उन्हें विजयी बनाया है। चंद्रभान के मौत की जानकारी होने पर गांव में सन्नाटा पसर गया।