देवरिया। चीनी के लगातार बढ़ते भाव ने जिले के बाजार में असर दिखाना शुरू कर दिया है। महज एक सप्ताह के भीतर चीनी का खुदरा भाव 48 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। करीब 17 रुपये प्रति किलो की इस बढ़ोतरी के कारण ग्राहकों की खरीद पर सीधा असर पड़ा है। दुकानदारों का कहना है कि चीनी की बिक्री करीब आधी रह गई है। कई ग्राहक दुकान पर भाव पूछने के बाद बिना खरीदारी किए आगे बढ़ जा रहे हैं।
शहर के किराना कारोबारी विनय गुप्ता ने बताया कि एक सप्ताह पहले तक चीनी का भाव 46 से 48 रुपये प्रति किलो था। इसके बाद लगातार तेजी आती गई और शनिवार को भाव 65 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। अचानक हुई इस बढ़ोतरी से बाजार का संतुलन बिगड़ गया है। रोजमर्रा की जरूरत में शामिल चीनी का भाव बढ़ने से ग्राहक जरूरत भर की मात्रा ही खरीद रहे हैं। कुछ ग्राहक पहले जहां पांच किलो या उससे अधिक चीनी लेते थे, अब मात्रा कम कर रहे हैं। कारोबारियों के मुताबिक सबसे ज्यादा दिक्कत खुदरा दुकानदारों के सामने है। चीनी में उनका मार्जिन बेहद सीमित है। राहुल गुप्ता के अनुसार एक किलो चीनी की बिक्री पर करीब दो रुपये तक का मार्जिन मिलता है। इसमें भी पालीथिन और अन्य छोटे खर्च अलग से वहन करने पड़ते हैं। ऐसे में भाव बढ़ने पर दुकानदार के सामने अधिक कमाई की स्थिति नहीं बनती, बल्कि बिक्री घट जाने से कुल कारोबार और प्रभावित होता है।
भाव बढ़ा तो ग्राहकों ने घटाई मात्रा
दुकानदारों का कहना है कि चीनी के भाव में एक साथ तेज बढ़ोतरी होने से ग्राहक सबसे पहले खरीद की मात्रा कम कर रहे हैं। कई लोग एक या दो किलो चीनी खरीदकर काम चला रहे हैं। जिन घरों में पहले एक बार में अधिक मात्रा में चीनी खरीदी जाती थी, वहां अब जरूरत के हिसाब से थोड़ी-थोड़ी खरीद हो रही है। दुकानों पर स्थिति यह भी है कि ग्राहक पहले भाव पूछ रहे हैं और 65 रुपये प्रति किलो सुनने के बाद कई बार बिना खरीदारी किए लौट जा रहे हैं। इससे फुटकर दुकानदारों की दैनिक बिक्री में बड़ी गिरावट महसूस की जा रही है। कारोबारियों का कहना है कि बिक्री करीब आधी रह गई है।
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दुकानदारों की पूंजी भी ज्यादा फंस रही
चीनी महंगी होने से खुदरा विक्रेताओं को माल उठाने के लिए पहले से ज्यादा पूंजी लगानी पड़ रही है। पहले जितनी रकम में अधिक मात्रा में चीनी खरीदी जा सकती थी, अब उसी रकम में कम माल मिल रहा है। दूसरी ओर बिक्री धीमी होने से माल दुकान में अधिक समय तक रुक रहा है। इससे छोटे दुकानदारों की कार्यशील पूंजी पर भी दबाव बढ़ रहा है। कारोबारियों का कहना है कि रोजमर्रा की वस्तु होने के कारण चीनी को दुकान पर रखना मजबूरी है। भाव अधिक होने के बावजूद दुकानदार पर्याप्त स्टॉक नहीं रख पा रहे हैं। उन्हें डर रहता है कि यदि भाव में अचानक गिरावट आ गई तो पहले से महंगे दाम पर खरीदा माल नुकसान दे सकता है।
मिठाई और चाय के कारोबार पर भी पड़ सकता है असर
चीनी के भाव में तेजी लंबे समय तक बनी रही तो इसका असर मिठाई, चाय और अन्य खाद्य कारोबार पर भी पड़ सकता है। जिले की मिठाई दुकानों, चाय की दुकानों और छोटे खाद्य कारोबार में चीनी की नियमित खपत होती है। ऐसे कारोबारियों की लागत बढ़ने पर उनके सामने या तो मुनाफा कम करने अथवा तैयार वस्तुओं का भाव बढ़ाने की स्थिति बन सकती है।
त्योहारी सीजन में मिठाई और अन्य मीठे खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ती है। ऐसे में चीनी के भाव में तेजी बनी रहने से स्थानीय व्यापारियों की लागत और बढ़ सकती है। छोटे दुकानदारों पर इसका प्रभाव ज्यादा पड़ने की आशंका है, क्योंकि उनके पास बड़ी मात्रा में सस्ता पुराना स्टॉक रखने की क्षमता कम होती है।
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बिक्री आधी होने से कारोबारियों की चिंता बढ़ी
खुदरा कारोबारियों का कहना है कि चीनी की बिक्री में आई गिरावट चिंता का विषय है। आमतौर पर चीनी ऐसी वस्तु है जिसकी बिक्री नियमित रहती है, लेकिन अचानक भाव बढ़ने के बाद ग्राहक खरीद टालने लगे हैं। राहुल गुप्ता का कहना है कि मौजूदा स्थिति में बिक्री करीब आधी घटी हुई प्रतीत हो रही है। कारोबारियों की चिंता यह भी है कि यदि भाव इसी तरह बढ़ते रहे तो ग्राहक दूसरी जरूरी वस्तुओं की खरीद में भी कटौती कर सकते हैं। किराना कारोबार में ग्राहक कुल बजट तय करके आते हैं। किसी एक जरूरी वस्तु का भाव बढ़ने पर अन्य सामान की खरीद भी प्रभावित होती है।
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एक सप्ताह में इस तरह बदला भाव
बुधवार48 रुपये प्रति किलो
शुक्रवार 50 रुपये
मंगलवार 53 रुपये
बुधवार 58 रुपये
शुक्रवार 62 रुपये
शनिवार - -65 रुपये
कोट
चीनी महंगी होने से बिक्री आधी रह गई है। तमाम ग्राहक तो चीनी का दाम पूछ कर आगे बढ़ जाते हैं जबकि तमाम ग्राहक कम मात्रा में चीनी खरीद रहे हैं। अगर चीनी जल्द महंगी न हुई तो बिक्री और भी कम होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
चंद्रकेश बर्नवाल, किराना कारोबारी
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एक सप्ताह पहले तक चीनी 52 से 53 रुपये प्रति किलो बिक रही थी। शनिवार को इसका भाव 65 रुपये प्रति किलो हो गया। भाव सुनकर कई ग्राहक आगे बढ़ जा रहे हैं। बिक्री करीब आधी रह गई है। एक किलो चीनी पर मुश्किल से करीब दो रुपये मिलते हैं, उसमें भी पालीथिन समेत दूसरे खर्च अलग हैं।
- राहुल गुप्ता, किराना कारोबारी