बरहज (देवरिया)। क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव में सड़क विवाद में हुई अधिवक्ता बिजेंद्र सिंह की मौत के मामले में शनिवार को अपर आयुक्त प्रशासन प्रयागराज त्रिभुवन ने अधिकारियों के साथ घटना स्थल की जांच की। उन्होंने चकनाली पर बनाई जा रही सड़क का राजस्व टीम के साथ अवलोकन किया। अधिकवक्ता के परिवार वालों से घटना के संबंध में पूछताछ की और जमीन से संबंधित कागजात देखे।
पांच मई 2026 को चकनाली पर सड़क बनाने के विवाद में अधिवक्ता की मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने अधिवक्ता के बेटे सिद्धार्थ सिंह की तहरीर पर पांच नामजद और आठ अज्ञात पर हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी। घटना के बाद नाराज लोगों ने तहसील परिसर में शव रखकर धरना-प्रदर्शन किया था। इसके बाद तत्कालीन एसडीएम विपिन कुमार द्विवेदी निलंबित किए गए थे।
पीड़ित पक्ष ने मामले की जांच के लिए आईजीआरएस समेत अन्य माध्यमों से उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र दिया था। शासन ने मामले की जांच अपर आयुक्त प्रशासन प्रयागराज को सौंपी थी। इसी क्रम में शनिवार को अपर आयुक्त ने करीब ढाई घंटे तक गांव में मामले की हर एंगल से जांच की। अधिवक्ता के बेटों सिद्धार्थ, प्रशांत सिंह के अलावा ग्रामीणों से पूछताछ की। अधिवक्ता के परिवार वालों ने विवाद से संबंधित कई कागज जांच टीम को उपलब्ध कराए।
जांच के दौरान तहसीलदार अरुण कुमार, तत्कालीन नायब तहसीलदार रवींद्र कुमार मौर्य, बीडीओ राजीव गुप्त, कानूनगो शिवकुमार, सुनील कुमार आदि मौजूद रहे। एसडीएम शशिकांत मणि ने बताया कि प्रयागराज से जांच टीम आई थी। मामले की जांच जारी है।
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बीडीओ से तलब की प्रस्ताव से जुड़ी पत्रावली
बरहज। अपर आयुक्त प्रशासन प्रयागराज त्रिभुवन ने बीडीओ राजीव गुप्त से चकनाली पर बनाए जाने वाली सड़क के प्रस्ताव से जुड़ी पत्रावली मांगी है। सूत्रों के अनुसार राजस्व कर्मियों ने उक्त चकनाली से आठ से 10 घरों के लोगों के आने-जाने का रास्ता दर्शाया है। हालांकि तत्कालीन एसडीएम पर गाज गिरने के बाद लेखपाल, कानूनगो और सचिव आदि पर कार्रवाई तय मानी जा रही थी।