जिला स्तरीय जांच कमेटी ने कॉलेज पहुंचकर लिए बयान
प्राचार्य प्रकरण : आरोपी पूर्व प्राचार्य के मैसेज पर कॉलेज पहुंच गई थीं कुछ छात्राएं
उच्च शिक्षा से जुड़े अन्य कॉलेजों में भी आरोपी प्राचार्य के कृत्यों की होती रहीं चर्चाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले के एक महिला पीजी कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य के सरकारी आवास से एक युवती के मुंह ढक कर बाहर निकलने का वीडियो वायरल होने के बाद से मामला गरमाता जा रहा है। उधर आरोपी पूर्व प्राचार्य के बुलावे पर रविवार को कुछ छात्राएं कॉलेज परिसर पहुंच गईं, हालांकि उन्हें समझा-बुझाकर वापस भेज दिया गया। वहीं, जिला स्तरीय जांच कमेटी ने लगातार दूसरे दिन यहां आकर कुछ लोगों के बयान दर्ज किए।
कॉलेज परिसर में रह रहे शिक्षक व अन्य स्टाफ जो अब तक चुप्पी साधे थे, वे भी अब खुलकर बता रहे हैं कि पूर्व प्राचार्य की गलत आदतों से वे परेशान थे। उच्च शिक्षा से जुड़े अन्य कॉलेजों में भी प्राचार्य के कृत्यों की चर्चाएं होती रहीं। हालांकि, मामले में अगर किसी जिम्मेदार ने पहल की होती तो इसका खुलासा पहले ही हो सकता था। कारण यह कि इसके पहले जो भी प्राचार्य रहे, कॉलेज की छवि एवं पठन-पाठन को लेकर काफी गंभीर रहे। उधर, डीएम की ओर से गठित जिला स्तरीय जांच समिति के सदस्य एएसडीएम मंजूर अहमद, जिला दिव्यांग सशक्तिकरण अधिकारी मीनू सिंह, एडीआईओएस महेंद्र प्रसाद ने रविवार की सुबह साढ़े नौ बजे ही कॉलेज पहुंच कुछ कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। शनिवार की देर शाम भी जांच कमेटी यहां पहुंची थी।
कोट
उच्चाधिकारियों के आदेश पर पूर्व प्राचार्य के खिलाफ कोतवाली पुलिस में तहरीर दी गई। रविवार के दिन सुबह में छात्राएं कैसे कॉलेज आ गईं, उन्हें भी नहीं पता। पूछने पर पता चला कि पूर्व प्राचार्य की ओर से उन्हें कॉलेज आने का मैसेज दिया गया था। छात्राओं को समझाकर वापस भेजा गया। रविवार को भी जांच कमेटी ने दो घंटे तक परिसर में कुछ लोगों के बयान दर्ज किए। नई जिम्मेदारी के बाद कॉलेज की हर गतिविधि पर नजर रखनी जरूरी है। इसके लिए वह पूरा प्रयास कर रही हैं।
-राखी भारती, प्रभारी प्राचार्य