संवाद न्यूज एजेंसी
तरकुलवा। वाराणसी में तैनात दरोगा जयप्रकाश विश्वकर्मा के बेटे रोहित विश्वकर्मा की संदिग्ध मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। दरोगा ने बेटे की पीट-पीटकर मौत के घाट उतारने और चेहरे पर तेजाब डालकर गंडक नदी में फेंकने का आरोप बेटे के दोनों सहकर्मियों और स्टंटबाजी कर रहे युवकों पर लगाया है।
वहीं पत्नी सलोनी ने दोनों सहकर्मियों पर गलत सूचना देने का आरोप लगाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत की वजह सामने आने के बाद पुलिस के सामने उहापोह की स्थिति उत्पन्न हो गई है। पुलिस इस मामले में फूंक-फूंक कर कदम उठा रही है।
जानकारी के अनुसार, पटनवापुल मेंं मंगलवार की रात में ओवरटेक कर स्टंटबाजी के विवाद में दरोगा के बेटे रोहित की संदिग्ध मौत के मामले में उसके दोनों सहकर्मियों व स्टंटबाजी करने वाले युवकों की भूमिका पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। दरोगा पिता का कहना है कि मंगलवार को रोहित विवाद के बाद लापता हो गया था। उसके दोनों सहकर्मी वहां से भागकर घर चले गए थे। दो दिन बाद बृहस्पतिवार को उसका शव गंडक नदी मिला।
इस मामले में घटना की रात में रोहित के पिता ने बेटे की हत्या कर शव को नदी में फेंकने आरोप लगाया है। रोहित के पिता ने बताया कि उसके बेटे की साजिश के तहत हत्या कर शव को नदी में फेंका गया है।
बेटे के साथियों ने ही उसकी हत्या में मुख्य भूमिका निभाई है। आरोप लगाया है कि उसके साथी कर्मचारियों ने सुनियोजित तरीके से कंचनपुर के लड़कों को बुलाकर पीट-पीटकर हत्या की है।
शव की पहचान न हो इसके लिए उसके चेहरे पर एसिड फेंक कर नदी में फेंक दिया गया। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
थाना प्रभारी मृत्युंजय राय ने कहा कि मामले की गंभीरता से छानबीन की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तहरीर और परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस कार्रवाई कर रही है, जो भी आरोपी होगा, उसे किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।