देवरिया जिले के लार और मईल थाना क्षेत्र के शंभु हत्याकांड सहित चार घटनाओं को अंजाम देने वाले नए गिरोह का पुलिस ने मंगलवार को पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार बदमाश को पिस्टल, तमंचा, कार और बाइक के साथ गिरफ्तार किया है। गिरोह से जुड़े एक आरोपी को छोड़कर सभी आरोपी एक ही गांव के हैं और पहले नेटवर्क मार्केटिंग का काम करते थे। जो बाद में लूट की घटना करने लगे थे। एसपी ने घटना का पर्दाफाश करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
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एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने पुलिस लाइन में बताया कि एक माह के दौरान हुई लूट व हत्या की घटनाओं के पर्दाफाश के लिए टीम लगाई गई थी। मंगलवार को पुलिस टीम ने भागलपुर तिराहे के पास से मुखबीर की सूचना पर रेलवे क्रासिंग के पास से एक सिफ्ट डिजायर कार और दो बाइक पर सवार चार युवकों को गिरफ्तार किया।
इनकी पहचान प्रिंस मद्धेशिया, विशाल कुमार गौंड़ निवासी सुकरौली थाना खुखुंदू, अनूप वर्मा, परमात्मा पासवान निवासी चौमुखा थाना लार के रूप में हुई। इनके पास से पुलिस ने दो पिस्टल, तीन कारतूस, तमंचा सोने की चेन के तीन टुकड़े, एक सोने की लॉकेट बरामद की।
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आरोपियों ने पुलिस को बताया कि 24 जून को लार थाना क्षेत्र के सजाव गांव निवासी शंभु जायसवाल अपनी बहन के घर से लौट रहे थे। मईल थाना क्षेत्र के नेनुआ गांव के पास बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके एक दिन बाद इसी थाना क्षेत्र के पिपरा मिश्र गांव के पास बाइक सवार बदमाशों ने धनौती गांव निवासी लालू चौहान को गोली मार दी।
17 जून शाम को लार थाना क्षेत्र चौमुखा अमित मद्धेशिया को बिहार से लौटते समय मेहरौना के पास गोली मारकर सोने की चेन लूटने का प्रयास किया था। इसी तरह चुरिया निवासी रमन यादव को बदमाशों ने गोली मार दी थी। 31 मई को खेमादेई गांव निवासी ज्ञानेंद्र सिंह पर फायरिंग की गई थी। 27 मई को बदमाशों ने तमंचा दिखाकर चुरिया गांव निवासी रोहित की सोने की चेन लूट ली थी। इन सभी मामलों में पुलिस को इन बदमाशों की तलाश थी।
पुलिस के नाक में दम करने वाले गिरोह पर किसी को शक नहीं था क्योंकि इनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं था। इसके कारण एसपी ने इस गिरोह की जड़ खोदने के लिए तीन थानेदार सहित 25 पुलिसकर्मियों को लगाया था। इसमें लार के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप शर्मा, खामपार के घनश्याम सिंह, एसओजी प्रभारी गोपाल प्रसाद, मईल एसओ भवानी भीख राजभर, दरोगा संतोष सिंह, अमित पांडेय, हरिलाल राव, योगेंद्र कुमार, धनंजय श्रीवास्तव, अरुण खरवार, नारंतक यादव, नंदलाल यादव, राहुल सिंह, विमलेश सिंह, सुधीर मिश्र, प्रशांत, सुदामा यादव, दिव्यशंकर राय, नवीन कुमार, विकास, धर्मेंद्र यादव, अखिलेश कुमार, श्रीकांत, सुनील सिंह, संजय सिंह शामिल रहे।
अमित ने गोली मारी, फिर दो लाख रुपये भी इलाज के लिए दिया
लार थाना क्षेत्र के चौमुखा गांव निवासी अमित मद्धेशिया की गोली मार कर चेन लूटने की वारदात गांव के ही एक जुआ का अड्डा चलाने वाले व्यक्ति से जुड़ा हुुआ है। मामले में वांछित मनीष सिंह के बारे में पुलिस को भनक लगी है कि उसने जुआ के जरिए करोड़ों रुपये जुटाए हैं। इस घटना में आभूषण के दुकानदार अनूप वर्मा ने मनीष, प्रदीप गौड़ को मारने की जिम्मेदारी थी। प्रिंस ने अमित की रेेकी की थी। सभी आरोपी लूट के शिकार अमित मद्धेशिया के गांव के हैं। घायल होने के बाद शक न हो, इसके डर से अनूप ने दो लाख रुपये भी इलाज के लिए अमित को दिया था और हर रोज हालचाल पूछता था।