देवरिया। स्टांप वेंडर अजय मिश्रा हत्याकांड में पुलिस एक को उठाकर पूछताछ कर रही है। पूछताछ में पुलिस को अहम सुराग हाथ लगा है। पुलिस ने नर्तकियों व आर्केस्ट्रा संचालक से भी बात की है। पुलिस के मुताबिक धुसवा के धीरेंद्र उपाध्याय उर्फ मंटू के बुलाने पर दावत में शामिल होने के लिए अजय वहां पहुंचे थे।
मकान में नीचे पार्टी चल रही थी। ऊपर बने कमरों में एक आर्केस्ट्रा संचालक ने नर्तकियों को रखा था। जिनसे नशे में धुत अजय ने अभद्र व्यवहार भी किया था। यह देख मंटू ने रोकने का प्रयास किया। मंटू भी नशे में धुत था। आजमगढ़ की एक नर्तकी को अजय ने दो थप्पड़ भी जड़ दिया। यह देख सुल्तानपुर की नर्तकी ने डॉयल 112 को सूचना दी। हूटर की आवाज सुन अजय वहां से भाग खड़ा हुआ। मंटू भी धीरे से खिसक लिया। पुलिस ने पहुंच कर नर्तकियों से बात की। इसके बाद नर्तकी बिहार के गोपालगंज जिले के विजयीपुर थाने के चौकीदार पवन सिंह को बुलाकर एक बोलेरो से सामान लेकर अपने एक सहयोगी के यहां चली गई। बघौचघाट थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत छितौनी टोला गरीब पट्टी के रहने वाले अजय मिश्रा उर्फ मंटू (42) पुत्र स्व. जगदंबा मिश्र को धुसवा चौराहे की एक मकान से 11 दिसंबर को मेडिकल कालेज लाया गया था। बाद में लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
आजमगढ़ की नर्तकी का खींचा हाथ, थप्पड़ भी मारा
तीनों नर्तकियों ने बातचीत के दौरान बताया कि अजय मिश्रा छत पर आरओ से पानी लेने पहुंचे। हमलोगों को अकेला देख वह बातें करने लगे। उस समय वह नशे में थे। इसके बाद उन्होंने पांच हजार तो दस हजार रुपये आदि देने की बात कहने लगे।
इस पर हम सभी ने इंकार कर दिया तो वह आग बबूला हो गए। नशे की लत में आजमगढ़ निवासी एक साथी को खींच लिया और दो थप्पड़ भी जड़ दिया। यह देख हमने डॉयल 112 को सूचना दी। सूचना के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची। यह देख नीचे अजय भाग खड़े हुए। इसके बाद बाकी सब कहां गए इसकी किसी को जानकारी नहीं हुई।
अजय की खोजबीन शुरू की तो घायल अवस्था में मिला
पुलिस के पहुंचने पर कई लोग मौके पर पहुंच गए। इसी बीच अजय को ढूढ़ने के लिए मंटू ने सबसे पहले चौकीदार पवन सिंह को फोन किया, परंतु पवन ने यह कहकर टाल दिया कि वह इस मामले में नहीं पड़ेगा।
चौकीदार पवन सिंह सीमा से सटे विजयीपुर थाने के एक बैंक में नाइट ड्यूटी करता है। उसी ने आर्केस्ट्रा संचालक को मकान भी दिलवाया था। इसके बाद मंटू ने अपने बड़े भाई व स्थानीय प्रधान के भतीजे के साथ मौके पर पहुंच अजय को ढूंढने लगे तो अजय घायलावस्था में मिला।
इसके बाद वीरेंद्र तुरहा का वाहन लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां गोरखपुर रेफर कर दिया गया। गोरखपुर से लखनऊ रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मकान के किनारे दीवाल पर मिला खून का धब्बा जिस मकान में पार्टी हो रही थी उसी मकान के पीछे से अजय कुमार मिश्र के कूदने की अंदेशा जताया जा रहा है। पुलिस भी यही अंदाजा लगा रही है कि पुलिस पहुंची थी। उसके पहुंचने की सूचना पर अजय वहां से भागा था। नशे की हालत में छत से उतरते या कूदते समय वह नीचे गिरा और उसका सिर दीवार से टकरा गया। इससे वह घायल हो गया और उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
सीओ दीपक शुक्ला ने बताया कि मौके का निरीक्षण किया गया तो मकान के पीछे दीवाल पर खून का धब्बा मिला है। फिलहाल पुलिस परिजनों की तहरीर पर नामजद मुकदमा दर्ज करने के साथ ही नर्तकियों व अन्य का बयान लेकर मामले की जांच कर रही है। एक व्यक्ति को उठाकर पूछताछ किया तो अहम सुराग भी हाथ लगा है।