पशुओं से भरी पिकअप पुलिस ने पकड़ी, तस्कर फरार
सहजौर। पशु लदे पिकअप को पुलिस ने घेराबंदी कर अमौना गांव के सामने पकड़ लिया। तस्कर पुलिस को चकमा देकर भाग निकला। पशु तस्करी से नाराज ग्रामीणों ने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाकर हंगामा किया। लोगों को शांत करा पुलिस वाहन लेकर थाने पहुंची। पांच दुधारू पशु मुक्त कराए गए हैं। पुलिस वाहन के नंबर को ट्रेस कर तस्करों तक पहुंचने में जुटी हुई है।
बुधवार की सुबह करीब सात बजे अमौना गांव के लोग सड़क पर टहल रहे थे। इसी बीच एक दर्जन के करीब पिकअप को सहजौर चनुकी मार्ग पर बिहार की तरफ जाते देखा। पशु तस्करी का अंदेशा जता ग्रामीणों ने वाहनों को रोकने का प्रयास किया। पर वाहन चालक रफ्तार बढ़ाकर भागने लगे। इसकी जानकारी लोगों ने पुलिस को फोन कर दी। सूचना पर पहुंचे एसएसआई राममोहन सिंह, हलका इंचार्ज चंद्रशेखर यादव ने तस्करों का पीछा करते हुए घेराबंदी कर एक पिकअप को पकड़ लिया। पुलिस को देख चालक पिकअप छोड़कर भाग निकला। ग्रामीणों के मुताबिक, पुलिस को आता देख पशु लदे वाहन तस्कर लेकर बिहार में प्रवेश कर गए। हालांकि पुलिस ने इनका पीछा भी किया।
उधर, पुलिस की नाक के नीचे से हो रही तस्करी का आरोप लगा ग्रामीण हंगामा करने लगे। इससे पुलिस के रुख नरम पड़ गए। पुलिस पशुओं से भरे पिकअप लेकर थाने पहुंची। पांच दुधारू पशु मुक्त कराए गए हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो वाहन के नंबर के आधार पर पुलिस तस्करों तक पहुंचने में लगी है। इस बाबत एसएसआई राममोहन सिंह ने बताया कि पांच दुधारू पशु मुक्त कराए गए हैं। तस्कर बिहार लेकर जा रहे थे। पिकअप के नंबर के आधार पर तस्करों के नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही तस्कर पकडे़ जाएंगे
चनुकी मोड़ के रास्ते बिहार में प्रवेश कर गए तस्कर
सहजौर। सोमवार की रात भी तीन दर्जन से अधिक पिकअप गौवंश लदे पिकअप लार के चनुकी मोड़ के रास्ते होते हुए चनुकी घाट के रास्ते बिहार में प्रवेश कर गए। हालांकि रास्ते में पिकेट पर खड़े पुलिस कर्मियों ने रोकना उचित नहीं समझा। इसको लेकर लोगों में तरह तरह की चर्चा हो रही है।
वीडियो हुआ था वायरल, तब हुई थी अलर्ट
सहजौर। तीन सप्ताह पूर्व सोशल मीडिया पर गो तस्करी की वीडियो वायरल होने पर पुलिस तस्करों की तलाश में जुटी थी। उसी रात तस्कर पुलिस को चकमा देकर बिहार में भाग निकले। इसके बाद पुलिस हाथ मलती रह गई।