देवरिया। सलेमपुर में एक व्यापारी के अपहरण की योजना बना रहे बदमाशों में से तीन को तो एसटीएफ ने पांच दिसंबर को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया था। कुछ दिन बाद एक आरोपी को कोतवाली पुलिस ने पकड़ लिया था, लेकिन अभी भी चार आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
एसटीएफ की कार्रवाई के बाद मामले की जांच अब सलेमपुर पुलिस के जिम्मे है। फरार चारों आरोपियों ने नेपाल में शरण ली है।
सलेमपुर कोतवाली के पड़री तिवारी के रहने वाले राजकमल तिवारी ईंट-भट्ठा और शराब के कारोबारी हैं। गांव के ही रहने वाले अरविंद कुमार तिवारी चुन्नू का कस्बा सलेमपुर के समीप सलेमपुर-नवलपुर मुख्य मार्ग पर होटल है।
इसके अलावा गुजरात समेत दूसरे प्रांतों में भी इनका कारोबार फैला है। दोनों बड़े व्यवसायी हैं। कार और बाइक सवार आरोपियों ने पांच दिसंबर की रात राजकमल तिवारी का महदहां चौराहे के समीप से अपहरण की योजना बना रहे थे।
इसकी भनक लगने पर एसटीएफ ने अपना जाल बिछा दिया। इस दौरान हुए मुठभेड़ में हिमांशु कुमार यादव समेत तीन बदमाश गिरफ्तार किए गए। हिमांशु के पैर में गोली भी लगी। जबकि महुआडीह के बरवा निवासी प्रदीप यादव को सात दिसंबर की भोर में सदर कोतवाली पुलिस ने कट्टा व कारतूस के साथ गिरफ्तार किया।
अभी इस मामले में अंकित यादव निवासी चौथी, मरदह जिला गाजीपुर, सर्वेश उर्फ गोली यादव निवासी कहिनवर सराय लखंसी जिला मऊ, पंकज यादव निवासी मजखानी थाना सराय लखंसी जिला मऊ और सूरज गोंड निवासी नेरुई अमवा थाना महुआडीह जिला देवरिया फरार हैं। एसटीएफ की कार्रवाई के बाद सलेमपुर कोतवाली पुलिस ने इस मामले की विवेचना शुरू कर दी।
मौजूदा समय में फरार चल रहे सभी आरोपियों का मोबाइल बंद होने के चलते लोकेशन नहीं मिल पा रहा है। इस मामले में मास्टरमाइंड सूरज गोंड का नेपाल तक रैकेट फैला है। घटना के बाद इन चारों बदमाशों के नेपाल में ही शरण लिए होने की आशंका जताई जा रही है।
कौन है तिवारी, जिसका नाम आरोपियों ने लिया था : सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस मुठभेड़ में पकड़े गए आरोपियों ने क्षेत्र के एक तिवारी का नाम बताया था। यह भी बताया था कि तिवारी ही दोनों व्यापारियों के लोकेशन उन सभी को देते थे।