सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पर्ची काउंटर पर लगी मरीजों की कतार। संवाद
- फोटो : मौलाना अदहम मुस्तफा
सलेमपुर। होली का पर्व बीतने के बाद अब केमिकलयुक्त रंगों और अबीर-गुलाल का दुष्प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पिछले दो दिनों से आंख, त्वचा और सांस संबंधी समस्याओं के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। शुक्रवार को अस्पताल में करीब 800 मरीज पहुंचे, जिसमें 250 से अधिक मरीज ऐसे पहुंचे, जिन्हें होली के रंगों के कारण परेशानी हुई।
शुक्रवार सुबह नौ बजे से ही मरीज परामर्श के लिए पर्चा बनवाने को कतार में खड़े हो गए। सीएचसी खुलते ही फिजिशियन डॉ. अतुल कुमार के कक्ष में मरीजों का जमावड़ा लग गया। जिसमें सबसे अधिक मरीज पानी में अधिक देर तक भीगने तथा केमिकल और खुशबूयुक्त अबीर-गुलाल के संपर्क में आने से सांस फूलने, सीने में जकड़न और एलर्जी की शिकायत लेकर पहुंचे। नेत्र सर्जन एवं एडिशनल सीएमओ डॉ. अजीत कुमार सिंह के कक्ष में आंख में केमिकलयुक्त गुलाल जाने से जलन, लालिमा और आंख लाल होने की शिकायत वाले मरीजों की भीड़ लगी रही। डॉ. अजीत कुमार सिंह आपरेशन कक्ष में थे। जिसके चलते नेत्र परीक्षण अधिकारी दीपिका गौंड़ ने मरीजों के आंखों की जांच की।
महिला वार्ड में तैनात महिला चिकित्सक डॉ. सुमन गुप्ता ने बताया कि अधिकांश महिलाएं त्वचा में जलन और शरीर में एलर्जी की शिकायत लेकर पहुंच रही हैं। सभी मरीजों का उपचार कर उन्हें निःशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई गईं।