देवरिया। क्षय रोगियों को गोद लेकर पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराकर जल्द स्वस्थ करने में विभाग जुटा है। इसके मद्देनजर शनिवार को सीएमओ कार्यालय में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के निर्देश पर पर औषधि निरीक्षक के नेतृत्व में केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने 50 टीबी मरीजों को गोद लिया। मरीजों को पोषण पोटली दी गई।
औषधि निरीक्षक रुद्रेश त्रिपाठी ने कहा कि लक्षण दिखने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए, तत्काल विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय से इलाज और छह माह तक नियमित दवा के सेवन से टीबी रोग ठीक हो जाता है। मरीज चिह्नित होने के बाद परिवार के सदस्यों को जांच जरूर करानी चाहिए, जिससे घर में रह रहे लोगों को भी इस रोग से बचाया जा सकता है। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के लोगों से कहा कि आप टीबी मरीजों को जो पोषण पोटली दिए हैं वह बहुत ही पुण्य का कार्य है। मरीज छह माह तक पोषण पोटली पाकर जल्द ठीक होंगे तो आपको बहुत ही अच्छा महसूस होगा। हमारा प्रयास रहेगा कि आप के सहयोग से तहसील स्तर पर भी टीबी रोगियों को पोषण पोटली वितरित की जाए। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश कुमार ने केमिस्ट वेलफेयर के लोगों को धन्यवाद दिया। कहा कि टीबी का मरीज रोग होने के कारण अपने को मुख्य धारा से अलग समझने लगता है। पोषण पोटली के साथ उसे समाज का संबल भी मिलता है। विभाग के सुपरवाइजर जिले के टीबी के मरीजों को समाज के सहयोग से पोषण पोटली दिलवाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अपील किया कि समक्ष लोग पोषण पोटली देने के अभियान में जुटकर जिले को टीबी मुक्त बनाने का कार्य करें।
इस दौरान केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष रंजीत सिंह, महामंत्री अनिल गुप्ता, कोषाध्यक्ष अजय जायसवाल, महेंद्र भागवानी, राजेश अग्रवाल, दिलीप जायसवाल, संजय अग्रवाल, सुरेश गुप्ता, राकेश सिंह, धनंजय बरनवाल, के साथ टीबी विभाग के उदयभान उपाध्याय, सुनील सिंह, मांधाता सिंह, कृष्णा यादव, सूरज, चंद्र प्रकाश त्रिपाठी, सत्यदेव, मृत्युंजय, अब्दुल आदि मौजूद रहे।