नाला निर्माण फर्म पर लगा पांच लाख का अर्थदंड
जिलाधिकारी के निर्देश पर अनुबंध व शर्तों के अनुसार होगी कार्रवाई
श्रमिकों की संख्या बढ़ाकर रात-दिन कार्य कराने व समय से परियोजना को पूरा करने के लिए किया गया आगाह
नगर की जलनिकासी व जनसुविधा से जुड़ी है महत्वपूर्ण परियोजना, इसमें शिथिलता क्षम्य नहीं : डीएम
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर पालिका क्षेत्र की जलनिकासी के लिए निर्माणाधीन कार्य परियोजना की धीमी प्रगति पर फर्म पर पांच लाख रुपये अर्थदंड लगाया गया है। साथ ही परियोजना को रात-दिन युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए प्रगति लाने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा न होने पर अनुबंध की शर्तों के अनुसार फर्म पर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने निर्माणाधीन कार्य परियोजना का कई बार निरीक्षण किया। इस दौरान धीमी प्रगति मिलने पर नाराजगी जताई थी। साथ ही कार्यदायी संस्था पर विलंब के लिए कार्रवाई करने के निर्देश अधीक्षण अभियंता जल निगम एसके वर्मा को दिए थे। अधीक्षण अभियंता ने कार्यदायी संस्था मेसर्स नंद एंड संस (जेवी) वार्ड-8 किदवई नगर चंदौली को धीमी प्रगति के लिए पांच लाख रुपये अर्थदंड लगाया है। साथ ही परियोजना को रात-दिन युद्ध स्तर पर करते हुए प्रगति लाने के निर्देश दिए हैं।
अधीक्षण अभियंता ने कार्रवाई करते हुए कहा है कि कार्य परियोजना के प्रारंभ करने की तिथि सात जनवरी 2022 निर्धारित की गई थी। अप्रैल माह तक चार माह का समय बीतने पर भी नाले के निर्माण की प्रगति संतोषजनक नहीं मिली। कार्य धीमा होने से नगर में जलनिकासी की समस्या बनी रहेगी। इससे स्पष्ट हो रहा है कि कार्यदायी संस्था द्वारा कार्य को पूर्ण करने में रुचि नहीं ली जा रही है। बार-बार विभिन्न माध्यमों से समय से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए,लेकिन कोई सुधार नहीं दिखा। उन्होंने फर्म को निर्देश दिए हैं कि कार्य स्थल पर मजदूरों की संख्या में वृद्धि कर कार्यों को कराएं और समय रहते इस महत्वपूर्ण परियोजना को पूर्ण करें। ऐसा न होने पर अर्थदंड के अलावा अन्य विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।