मेडिकल कॉलेज के बाल रोग की ओपीडी में मरीज का इलाज करते डॉक्टर
देवरिया। बरसात के मौसम में बच्चों की सेहत को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। बच्चे वायरल और बैक्टीरियल इंफेक्शन से पीड़ित हो रहे हैं। खानपान में गड़बड़ी और दूषित पानी के सेवन से बच्चे टायफाइड की चपेट में आ रहे हैं, जिससे तेज बुखार, सिरदर्द, पेट दर्द, उल्टी, थकान और दस्त की दिक्कत हो रही है।
इन दिनों में मेडिकल कॉलेज में इस तरह की मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। रोजाना करीब 20-25 मरीज आ रहे है। डॉक्टर सामान्य मरीजों को दवा देने के साथ ही सावधानी बरतने की सलाह रहे हैं, जबकि गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। मौसम बदला है। बारिश हो रही है। इस मौसम में संक्रामक बीमारियां फैलती है। संक्रमण का प्रकोप सितंबर माह तक रहता है। इस समय वायरस और बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं। दूषित भोजन, खाद्य पदार्थ व पानी के सेवन से बीमारी से ग्रसित होते हैं।
खुले में शौच करने से भी समस्या होती है। इसके अलावा खाद्य पदार्थ तैयार करने में सामान्य नल व दूषित पानी के प्रयोग व सफाई का ध्यान न देने से दिक्कत हो रही है। रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से चपेट में आते हैं। इन दिनों बैक्टीरियल इंफेक्शन से बच्चे पीड़ित हो रहे हैं। उन्हें तेज बुखार के साथ उल्टी, सिर दर्द, पेट दर्द की दिक्कत हो रही है। कुछ को पतला दस्त भी रहा है। संवाद