संवाद न्यूज एजेंसी
रुद्रपुर। जोगिया बुजुर्ग गांव में करंट की चपेट में आने से शुक्रवार को नानी और नाती की मौत ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। शनिवार को गांव में रक्षाबंधन का त्योहार लोगों ने मायूसी में मनाया। आंगन में खेल रही किलकारी की करंट की चपेट में आने पर बचाने गई नानी की मौत से मातम पसरा है। हादसे में झुलसी मासूम की मां गरिमा का उपचार मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में चल रहा है।
पत्नी और नाती की मौत के बाद उनके शव को कंधा देकर घर लौटे बुजुर्ग शमा यादव की सिसकियां रुकने का नाम नहीं ले रहीं हैं। गांव के रहने वाले शमा यादव को कोई बेटा नहीं है, उनकी पांच बेटियां पूनम, पूजा, अन्नू, रीशू और गरिमा हैं। गरिमा एक साल के बेटे को लेकर मां बिंदू और पिता शमा के घर आई थी।
घर में मासूम अदम्य को घुटने के बल चलता देख बुजुर्ग दंपती खुश थे। शुक्रवार कीदोपहर बाद अदम्य करंट की चपेट में आ गया। फर्राटा पंखे में उतरे करंट से मासूम को बचाने गई नानी बिंदू को भी जान देनी पड़ गई। गरिमा की स्थिति गंभीर बनी है। मासूम अदम्य मूल रूप से गोरखपुर जिले के गगहा थाना क्षेत्र के डेमुसा गांव का रहने वाला था।
परिवार में कोई बेटा न होने के कारण बेटियों के साथ ही बिंदु देवी का जीवन गुजर रहा था। इस हादसे के बाद गरिमा पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक ओर उसने अपनी मां को खो दिया तो दूसरी ओर मासूम बेटे को भी। पत्नी और नाती की मौत से दुखी शमा यादव दरवाजे पर आने वाले हर किसी को ढबढबाई आंखों से देख रहा।