नियम विरुद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाने का विरोध, बंद रहीं दुकानें
लार। बाजार की मुख्य सड़क से अतिक्रमण हटाने का विरोध जोर पकड़ता जा रहा है। दूसरे दिन भी व्यवसायियों ने दुकानें बंद रख विरोध जताया। व्यवसायियों का कहना है कि नगर पंचायत प्रशासन अतिक्रमण हटाने पर अडिग है। अब तक भूमि का नक्सा नजरिया भी नहीं दिखाया गया है। दुकानदारों को गुमराह किया गया है। अगर नगर पंचायत अपनी हठधर्मिता से पीछे नहीं हटता है, तो व्यवसायी वर्ग आर पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
लार बाजार की मुख्य सड़क से अतिक्रमण हटाने से परेशान व्यवसायियों ने दूसरे दिन भी विरोध में नगर की दुकानें बंद रखीं। लोगों की दैनिक उपयोग की वस्तुएं नहीं मिल पा रही है। पूर्व चेयरमैन रविंद्र वर्मा ने बताया कि व्यवसायियों में भारी नाराजगी है। नगर पंचायत अब तक नहीं बता पाई है कि किस नक्से से नापी हो रही है। जब की नगर की जितनी भी दुकान मकान सड़क के किनारे बनी है उसकी रजिस्ट्री हुई है। फिर किस आधार पर तोड़ी जाएगी। अगर अतिक्रमण हटता है तो सभी को मुआवजा मिलना चाहिए। नहीं तो गरीब लोग बेघर हो जाएंगे। यहां हाईकोर्ट के निर्देशों की अवहेलना हो रही है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश चंद्र बरनवाल का कहना है कि हम व्यवसायी वर्ग के लोग सड़क को चौड़ीकरण के लिए 5 से 6 फुट तक दोनों तरफ देने के लिए तैयार हैं। लेकिन नगर पंचायत हठधर्मिता कर रहा है। अगर हमारी बातों को नगर पंचायत नहीं मानती है तो हर स्तर की लड़ाई लड़ने को व्यापार मंडल तैयार है। बाजार वार्ड निवासी बीडी लारी ने कहा कि नियम को दरकिनार कर नगर पंचायत लोगों का आशियाना उजाड़ने पर आमादा है। ईओ राजन नाथ तिवारी ने बताया कि सोमवार के दिन से अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस भेजा जाएगा। नियम के अंतर्गत सड़क से अतिक्रमण हटाया जाएगा। उधर नगर पंचायत अध्यक्ष सरोज यादव ने कहा कि हमारी पूरी संवेदनाएं लोगों के साथ है। पर नगर को जाम से मुक्त कराना हमारी प्राथमिकता है।
आत्मदाह की चेतावनी दी
लार व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश चंद्र बरनवाल ने कहा कि अगर नगर पंचायत हम व्यवसायियों की बातों को नहीं मानती है, तो दर्जनों की संख्या में व्यवसायी अपने परिजनों के साथ सड़क पर आत्मदाह करेंगे।
प्रशासन ने रास्ते से हटवाया अतिक्रमण
तरकुलवा। स्थानीय क्षेत्र के पहाड़पुर गांव में रविवार को हाईकोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने गांव के रास्ते से अतिक्रमण हटवाया। एसडीएम सदर के नेतृत्व में राजस्व व पुलिस टीम ने जेसीबी से रास्ते पर बने मकानों को ढहा दिया। इस दौरान जिनके मकान ढहाए गए वे देखते रहे। इस दौरान झड़प भी हुई, जिससे कार्य कुछ देर के लिए रोकना पड़ा।
पहाड़पुर गांव में कई वर्षों से महेंद्र यादव ने रास्ते पर अवैध मकानों को हटाने की कोशिश की। इसके लिए वर्ष 2018 में सीमांकन का आदेश कराया, लेकिन सीमांकन नहीं हो सका और विवाद बढ़ता गया। कई बार पंचायत भी हुई। बाद में महेंद्र यादव ने वर्ष 2019 में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की। हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण को हटाने के लिए जिला प्रशासन को आदेश किया। इसके बाद भी नहीं हटा तो अपीलकर्ता ने न्यायालय में अवमानना याचिका दायर कर दी। इस आदेश के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटा। पुन: अवमानना याचिका दायर की। उसके बाद हाईकोर्ट ने सख्त चेतावनी देते हुए जिला प्रशासन को अवैध निर्माण हटाते हुए न्यायालय को साक्ष्य पेश करने का आदेश दिया। रविवार को एसडीएम सदर सौरभ सिंह, तहसीलदार सदर आनंद नायक, बीडीओ डॉ. अशोक त्रिपाठी, राजस्व निरीक्षक दुर्गेश श्रीवास्तव, रमा प्रसाद, रजिस्ट्रार कानूनगो सलाउद्दीन अहमद, महेंद्र जायसवाल, लेखपाल दिवाकर झा, दयानंद पटेल पहुंचे और पैमाइश कर सीमांकन किया गया। इसके बाद रास्ते की जमीन पर बने रामचंद्र, छेदी, सुबाष व गोविंद के मकान को जेसीबी से गिरा दिया गया। इस दौरान प्रशासन व लोगों के बीच कई बार झड़प हुई। इसके कारण कार्य रोकना पड़ा। मौके पर मौजूद तरकुलवा पुलिस मामला शांत कराई। इस संबंध में एसडीएम सदर ने बताया कि जिनके मकान गिराए गए हैं, उनका रास्ते की जमीन पर निर्माण हुआ था।