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Deoria News: मेडिकल काॅलेज में जल्द मिलेगी ओपीजी जांच की सुविधा

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- मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा बाहर
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में ओपीजी जांच की सुविधा जल्द शुरू हो जाएगी, जिससे मरीजों के डायग्नोसिस में आसानी होगी, वहीं मरीजों को परेशान नहीं होना पड़ेगा और बाहर निजी सेंटरों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। इसके लिए मशीन स्थापित कर दी गई है। शुक्रवार को डेमो भी किया गया।

महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के दंत विभाग की ओपीडी में सौ से अधिक मरीज इलाज कराने आते हैं। इसमें दांत में दर्द, इंफेक्शन, सड़न, ट्यूमर, हड्डी टूटने, गलने सहित अन्य बीमारी से पीड़ित लोग होते हैं। डॉक्टर जरूरत पड़ने पर मरीजों के दांत का रूट केनाल ट्रीटमेंट (आरसीटी) और आर्थो पेंटोग्राफी (ओपीजी) एक्स-रे कराने की सलाह देते हैं। यहां दो माह पहले आरजीबी एक्स- रे और आरसीटी जांच की सुविधा शुरू कर दी गई, लेकिन यह छोटा एक्स-रे होता है, जो केवल एक से दो दांत का ही होता है। पर ओपीजी बड़ा और महत्वपूर्ण एक्स- रे होता है। इसमें पूरे जबड़े के विभिन्न एंगल की जांच होती है।
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इससे बीमारी के बारे में जानकारी करने में आसानी होती है, लेकिन यह सुविधा नहीं उपलब्ध न होने से प्रतिदिन करीब 25 से 30 मरीजों को जांच कराने के लिए उन्हें निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ता था, जहां उन्हें 600 से 700 रुपये खर्च करना पड़ता था। इसे देखते हुए प्रधानाचार्य डॉ. राजेश बरनवाल और सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा ने दंत विभाग की अध्यक्ष डॉ. अफसाना अंसारी, डॉ. गौरव जायसवाल, डॉ. रेनू सिंह, डॉ. सौरभ कुमार, डॉ. तेजस्वनी से वार्ता की और सुविधा शुरू करने की योजना बनाई। इसके बाद प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजीत पाल ने स्थान चिह्नित किया। शुक्रवार को र्पोटेबल डिजिटल एक्स-रे कक्ष में बगल के कमरे में मशीन को स्थापित कर दिया गया और उसका डेमो भी हुआ।
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- ओपीजी जांच पूरे मुंह जबड़े का होता है। यह सामने, दाएं, बाएं एंगिल से होता है। इससे हड्डी के बारे में जानकारी मिलती है। दांत में हड्डी टूटने, हड्डी के अंदर से गलने से इंफेक्शन, सिस्ट, ट्यूमर के बारे में जानकारी के लिए जरूरत होती है। जबड़े के अंतिम दांत न निकलने और टेढ़े-मेढे दांत के आपरेशन के लिए यह एक्स-रे कराया जाता है। दुर्घटना के केस में भी लोगों के जबड़े में दिक्कत आ जाती है। इससे पूरे जबड़े के बारे में जानकारी होती है, जिससे इलाज करने में सहूलियत होती है और अन्य दांतों को खराब होने से बचाया जा सकता है।


दंत विभाग में ओपीजी जांच की सुविधा जल्द शुरू कर दी जाएगी। मशीन लगा दी गई है। इससे मरीजों को काफी सहूलियत होगी।
डॉ. एचके मिश्रा
सीएमएस
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