- चकिया कोठी के किसानों की खतौनियों पर दूसरे के आदेश से संबंधित इन्द्राज दर्ज किए जाने का मामला
- इसे लेकर ग्रामीण कर चुके हैं वोट बहिष्कार की घोषणा
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी। तहसील क्षेत्र के चकिया कोठी के सैकड़ों किसानों की खतौनियों पर सात माह पूर्व दूसरे का आदेश से संबंधित इंद्राज दर्ज किए जाने के बाद किसानों व ग्रामीणों ने लोकसभा चुनाव में वोट के बहिष्कार की घोषणा कर दी है।
इसे जिलाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का निर्देश दिया है। वहीं एसडीएम हरिशंकर लाल ने किसानों की खतौनियों पर दर्ज इंद्राज को पांच दिनों के भीतर हटाए जाने का आश्वासन दिया है। जबकि किसानों का कहना है कि इंद्राज हटाए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। 27 जुलाई 2023 को नायब तहसीलदार भाटपाररानी ने चकिया कोठी के बड़ी संख्या में किसानों की खतौनियों पर दूसरे का आदेश से संबंधित इंद्राज को दर्ज कर दिया गया था। सामाजिक कार्यकर्ता जटाशंकर सिंह ने 10 अगस्त 2023 को डीएम को पत्रक देकर किसानों की खतौनियों पर दर्ज इंद्राज हटाए जाने की मांग की थी।
डीएम ने एसडीएम को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन शिकायती पत्र पर तहसील कर्मियों ने आख्या देते हुए कहा गया कि प्रकरण का निस्तारण तहसील स्तर से संभव नहीं है। शिकायतकर्ता को हाईकोर्ट जाना होगा। इसके बाद पीड़ित किसानों ने मुख्यमंत्री सहित प्रमुख सचिव राजस्व, मंडलायुक्त गोरखपुर को शिकायती पत्र भेजा। उन पर तहसील भाटपाररानी द्वारा हाईकोर्ट जाने का सुझाव देते हुए आख्या प्रेषित कर दी गई। इसके बाद किसानों की लड़ाई में किसान सभा के नेता साधु शरण भी कूद पड़े। उनके नेतृत्व में 20 जनवरी को चकिया कोठी चौराहा व 13 फरवरी को तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया।
एक मार्च को एसडीएम कार्यालय में वार्ता हुई। एसडीएम ने नायब तहसीलदार सुनील सिंह से वार्ता करने के लिए कहा। किसानों ने नायब तहसीलदार से वार्ता किया तो उन्होंने साफ कह दिया कि इसका निस्तारण हाईकोर्ट से ही संभव है। न्याय न मिलता देखकर 7 मार्च को चकिया कोठी के किसानों व ग्रामीणों ने बैठक कर लोकसभा चुनाव में मतदान के बहिष्कार की घोषणा कर दी और गांव के बाहर बैनर भी लगा दिया। वहीं 11 मार्च को जटाशंकर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने पुनः जिलाधिकारी को पत्रक सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। डीएम न होने पर जनसुनवाई कर रहे एडीएम प्रशासन ने सीआरओ को समस्या के समाधान का निर्देश दिया। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को किसान नेता साधु शरण व जटाशंकर सिंह के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम से उनके कार्यालय में वार्ता की।