ओपी श्रीवास्तव के मकान का बचा अवशेष मिट्टी ।संवाद
देवरिया। सहारा इंडिया समूह के उप प्रबंध निदेशक ओपी श्रीवास्तव ने अपना सफर फर्श से शुरू किया और अपनी मेहनत के बल पर अर्श पर पहुंच गए। समूह में उनकी तूती बोलती थी लेकिन एक के बाद एक मुकदमों से वह घिरते गए। अब उनकी किस्मत ने ऐसी करवट बदली कि वह फिर फर्श पर पहुंच गए।
सलेमपुर कस्बे के वार्ड नंबर-8 हरैया मोहल्ला के रहने वाले ओपी श्रीवास्तव करीब 8 साल से अपने घर नहीं आए हैं। उनका पुश्तैनी मकान खंडहर हो चुका है। उनके जानने वाले बताते हैं कि ओपी श्रीवास्तव देवरिया और गोरखपुर में पढ़ाई के दौरान ही सुब्रत राय सहारा के जिगरी हो गए थे।
देवरिया में ब्रांच मैनेजर रहे थे ओपी श्रीवास्तव: जब सुब्रत राय ने देवरिया में अपना पहला ब्रांच खोला तो इसकी जिम्मेदारी ओपी श्रीवास्तव को मिली। ओपी श्रीवास्तव इसके ब्रांच मैनेजर बने। ओपी श्रीवास्तव ने दोस्त के व्यापार को आगे बढ़ाने और बचाने का हर संभव जतन किया। ओपी श्रीवास्तव के देवरिया में ब्रांच मैनेजर रहते जिले भर से तमाम लोगों को न केवल सहारा से कार्यकर्ता के रूप में जोड़ा गया, बल्कि लोगों के रुपये भी खूब जमा कराए गए।