रुद्रपुर (देवरिया) । चंडीगढ़ से देवरिया तक का सफर परिवार के लिए पहले ही आंसुओं से भरा था। एंबुलेंस में तिरंगे में लिपटा सूबेदार सत्यवान सिंह का पार्थिव शरीर था। परिजन को उम्मीद थी कि गांव पहुंचकर उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई देंगे मगर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे में चाचा और भतीजे की मौत ने इस सफर को परिवार की जिंदगी का सबसे दर्दनाक सफर बना दिया।
सूबेदार की अंतिम विदाई की तैयारी गांव में चल रही थी। इसी बीच हादसे की खबर पहुंची तो माहौल मातम में बदल गया। कुछ देर पहले तक जिस परिवार में एक अपने की अंतिम विदाई की तैयारी हो रही थी, वहां अचानक दो और मौतों का गम आ गया।
हादसे की जानकारी मिलते ही गहिला गांव के कई लोग और रिश्तेदार हादसा स्थल की ओर रवाना हो गए। गांव में हर चेहरा स्तब्ध था। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि जिस परिवार के लिए लोग सूबेदार सत्यवान की अंतिम यात्रा में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे, उसी परिवार को कुछ ही देर में दो और अपनों की मौत का दुख झेलना पड़ेगा। संवाद