भागलपुर। पहले गेहूं की बुवाई के दौरान खाद का संकट था, अब सिंचाई होने के बाद एक बार फिर वही हालात हो गए हैं। समितियों पर यूरिया उपलब्ध न होने से किसान परेशान हैं। यूरिया की कमी के चलते किसान एक समिति से दूसरी समिति का चक्कर काटने को मजबूर हैं। मजबूरी में किसान निजी दुकानदारों से महंगे दाम पर यूरिया खरीद रहे हैं।
भागलपुर ब्लॉक क्षेत्र में कुल 12 सहकारी समितियां संचालित हैं, लेकिन भागलपुर, धरमेर, पिपरा बांध और बगहा सहित कई समितियों पर यूरिया उपलब्ध नहीं है। किसानों ने गेहूं की बुआई के बाद सिंचाई भी शुरू कर दी है, ऐसे में समय पर यूरिया नहीं मिलने से पैदावार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि समितियों पर खाद नहीं मिलने के कारण निजी दुकानदार मनमाने दाम वसूल रहे हैं।
इससे लागत बढ़ रही है और आर्थिक संकट भी गहराता जा रहा है। किसान सुनील सिंह, राकेश सिंह, संपूर्णानंद पांडेय, कन्हैया कुशवाहा सहित अन्य किसानों ने शासन-प्रशासन से शीघ्र समितियों पर यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की है। भागलपुर ब्लॉक के एडीओ कोऑपरेटिव रणजीत कुमार सिंह ने बताया कि समितियों को यूरिया का आवंटन किया जा रहा है और जल्द ही खाद भेज दी जाएगी, जिससे किसानों की समस्या का समाधान हो सकेगा।