रुद्रपुर। नगर क्षेत्र में 21 घंटे 30 मिनट बिजली आपूर्ति का सरकारी दावा हवा-हवाई साबित हो रहा है। जर्जर तार, कम क्षमता के ट्रांसफाॅर्मर और फाॅल्ट से निर्बाध बिजली नहीं मिल पा रही है। स्थिति यह है कि उमस भरी गर्मी में कई इलाकों में लगातार ढाई घंटे भी बिजली की आपूर्ति सुचारु रूप से नहीं मिल रही है। हर आधे घंटे पर ट्रिपिंग से लोग बेहाल हैं।
पावर कारपोरेशन के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, नगर क्षेत्र के उपभोक्ताओं को 21 घंटे 30 मिनट बिजली आपूर्ति दी जानी है, जबकि ढाई घंटे की रोस्टिंग की व्यवस्था लागू है। इसके विपरीत रुद्रपुर नगर पंचायत क्षेत्र में फाॅल्ट के चलते बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित हो रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि रोस्टिंग के अलावा अघोषित कटौती और ट्रिपिंग ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है।
नगर में करीब 20 साल पहले लगाए गए बिजली के तार जर्जर हो चुके हैं। आधे से अधिक मोहल्लों में पुराने तारों में आए दिन फाल्ट होते रहते हैं। शनिवार की रात तार टूटने के कारण कई क्षेत्रों में पूरी रात बिजली आपूर्ति बाधित रही। रात में फाॅल्ट होने पर लोगों को गर्मी और उमस के बीच परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कम क्षमता के ट्रांसफार्मर भी बिजली व्यवस्था में बाधा बन रहे हैं। अधिक लोड पड़ने पर ट्रांसफार्मर और लाइनें जवाब दे रही हैं, जिससे बार-बार आपूर्ति ठप हो जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बिजली विभाग के पास पर्याप्त संसाधन भी उपलब्ध नहीं हैं।
तारों में फाल्ट होने पर मरम्मत के लिए बिजली निगम के कर्मचारियों को नगर पंचायत की सीढ़ी और हाईलिफ्ट का सहारा लेना पड़ता है।
नगर में खुले स्थानों पर लगे कुछ ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी लोग चिंतित हैं।
आरोप है कि पर्याप्त सुरक्षा उपाय न होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। हाल के दिनों में ट्रांसफार्मर की चपेट में आने से एक गाय और एक व्यक्ति की मौत की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद कई स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं किया गया है।
इस बाबत जेई राजा गुप्ता ने कहा बिजली आपूर्ति बहाल रखने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। तार फाल्ट होने पर आपूर्ति बाधित होती है लेकिन कर्मचारी तार जोड़कर जल्द आपूर्ति बहाल करने का प्रयास करते है।
आधी रात को भी फाल्ट होने पर कर्मचारी तैनात रहते हैं।