एक माह से खाली पड़ी एडीओ पंचायत की कुर्सी
देसही देवरिया। स्थानीय विकास खंड के तीन गांवों में तीन माह बाद भी सचिवों की तैनाती नहीं हो पाई है। एक माह से अधिक का समय बीत गया एडीओ पंचायत की भी कुर्सी खाली पड़ी हुई है। इससे ग्राम सभाओं के विकास कार्य बाधित है। वहीं, एडीओ पंचायत के न होने से जन्म, मृत्यु आदि प्रमाणपत्रों के लिए लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
विकास खंड मुख्यालय पर तैनात तत्कालीन सचिव जय नारायण सिंह क्षेत्र के रामपुर श्रीपाल, पकड़ी वीरभद्र, मुंडेरा उर्फ भगवानपुर सहित तीन गांवों के सचिव थे। आठ जनवरी को उन्हें एंटी करप्शन टीम ने पकड़ी वीरभद्र पंचायत भवन पर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कार्रवाई के बाद उन्हें गोरखपुर जिला जेल भेज दिया गया। तब से अभी तक इन गांवों में किसी नए सचिव की तैनाती नहीं हो पाई है। इससे गांवों का विकास कार्य ठप हो गया है। इन गांवों के लोगों का परिवार रजिस्टर का नकल, जन्म, मृत्यु आदि कार्य नहीं हो पा रहा है।
उधर, एडीओ पंचायत चंद्र प्रकाश मिश्र का स्थानांतरण हुए करीब एक माह से अधिक हो गया। इस पद पर अभी तक किसी की तैनाती नहीं हुई है। इनके टेबल से होने वाले कार्यों के लिए लोग ब्लॉक मुख्यालय का चक्कर काट रहे हैं। इनका काम नहीं हो पा रहा है। विभागीय जिम्मेदारों की उदासीनता का खामियाजा क्षेत्र के आम लोगों को उठाना पड़ रहा है। इस बात को लेकर गांवों के लोग नाराजगी भी जता रहे हैं। इनका कहना है कि जिम्मेदार मामले में उदासीन बने हुए हैं। आम लोगों की परेशानी से इन्हें कोई सरोकार नहीं है।
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कोट
0 सचिव की तैनाती कर दी गई है। एडीओ पंचायत की तैनाती अभी नहीं हुई है। जिले में 16 ब्लॉक हैं, नौ एडीओ पंचायत हैं। 31 मार्च के बाद एडीओ पंचायत की भी तैनाती कर दी जाएगी।
रतन कुमार, डीपीआरओ देवरिया।