खुखुंदू। इलाके में खौफ का पर्याय बने पागल कुत्ते ने रविवार को किसी पर हमला नहीं किया। इससे बाजार के दुकानदारों, खरीदारों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। पागल कुत्ते ने दो दिन में करीब 30 लोगों को काट लिया था।
कस्बे के कुछ लोग कुत्ते की मौत होने का दावा कर रहे हैं, जबकि कुछ ग्रामीण उसे खदेड़ने की बात कह रहे हैं। खुखुंदू कस्बा, बसडीला, नरौली खेम, गांवों के बाद अब शेरवां बभनौली, तेनुआ बेलवा और कुसहां गांव तक पागल कुत्ते का आतंक था।
लगातार दो दिनों से पागल कुत्ता लोगों को दौड़ा-दौड़ाकर काटते फिर रहा था। शनिवार की शाम को कुछ लोगों ने कुत्ते को दौड़ाया था। कस्बावासियों की माने तो पागल कुत्ते को मार डाला गया है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पागल कुत्ते को क्षेत्र से बाहर खदेड़ दिया गया है। शनिवार रात से रविवार शाम तक कुत्ते ने किसी पर हमला नहीं किया था।
बताते चलें कि शनिवार को इस पागल कुत्ते ने कुसहां निवासी छात्रा प्रिया चौहान (16), शेरवां बभनौली गांव निवासी एक 25 वर्षीय युवक, तेनुआ गांव निवासी एक 40 वर्षीय युवक, बसडीला गांव निवासी चार वर्षीय राज और 7 वर्षीय इरम खातून समेत करीब 10 लोगों को निशाना बनाया था, जबकि इससे पहले भी 20 लोगों को काटकर लहूलुहान कर चुका था।
ग्राम प्रधान संगीता देवी ने बताया कि वनविभाग को सूचना दी गई थी। वैसे अब कही कुत्ता नजर नहीं आया है और नहीं किसी के काटने की भी कोई खबर सामने नहीं आई है। क्षेत्र में रहता तो जरूर कुछ लोगों को काटा होता। ग्रामीण उसे खदेड़ने में लगे हुए थे।