शाहपुर। डुमरियागंज नगर के सुभाष नगर वार्ड में आयोजित नव दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन मंगलवार को हवन-पूजन के साथ किया गया। कथावाचक पं. शिवकुमार महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजन संपन्न कराया। उन्होंने राजा परीक्षित की कथा का समापन करते हुए शुकदेव महाराज की विदाई का प्रसंग सुनाया।
कथा के दौरान गुरु की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में गुरु का होना अत्यंत आवश्यक है। गुरु ही मनुष्य के जीवन की दिशा और दशा बदलते हैं, लेकिन अक्सर लोग गुरु का सम्मान तो करते हैं, पर उनकी शिक्षाओं का पालन नहीं करते, जिससे जीवन में दुख बना रहता है।
कथा में भगवान श्रीकृष्ण के 16,108 विवाहों का भी विस्तार से वर्णन किया गया। शुकदेव महाराज की विदाई, व्यास पीठ पूजन और मधुर भजनों के बीच श्रद्धालु भावविभोर रहे। जयकारों के साथ आरती उतारी गई और इसके बाद भंडारे में प्रसाद वितरण किया गया।
कार्यक्रम के बाद माता की चौकी एवं जागरण का आयोजन हुआ, जो देर रात तक चलता रहा। इस अवसर पर मुख्य यजमान ओमप्रकाश मोदनवाल, गुड्डू मोदनवाल, आदर्श मोदनवाल, संगम कसौधन सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।