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सांसद, विधायक व एसडीएम ने किया बाढ़ क्षेत्र का दौरा

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बाढ़ क्षेत्र का दौरा करते सांसद व विधायक - फोटो : SALEMPUR
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सांसद, विधायक व एसडीएम ने किया बाढ़ क्षेत्र का दौरा
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लार ब्लॉक के 10 गांवों में पहुंचा नदी का पानी, विधायक ने दिया आर्थिक सहायता का आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का सांसद, विधायक और एसडीएम ने सोमवार को निरीक्षण किया। इस दौरान बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों से मिलकर उनका हाल जाना और हर संभव मदद का भरोसा दिया।
लार ब्लॉक के खरवनिया बंधा, डुमरी, मल्हना पुरवा, कौसड़, चुरिया, नदौली, खेमादेई, पिंडी, महालमंझरिया, आर्दश नगर आदि गांवों में पहुंचे सांसद रविंद्र कुशवाहा, विधायक काली प्रसाद, एसडीएम ओमप्रकाश पीड़ितों से मिले। लगातार बढ़ रही पानी के चलते घाघरा नदी का पानी गांवों में पहुंच आया है। विधायक काली प्रसाद ने ग्रामीणों को सभी तरह के सरकारी योजनाओं व सुविधाओं को शीघ्र मुहैया कराने का भरोसा दिलाया। एसडीएम ओमप्रकाश ने बताया कि बाढ़ग्रस्त गांवों पर तहसील प्रशासन निगरानी कर जरूरी सामान मुहैया करा रहा है। इस दौरान तहसीलदार सतीश कुमार, विधायक प्रतिनिधि उमाकांत मिश्रा, कमलेश तिवारी, विष्णु कान्त तिवारी, ओमप्रकाश यादव (प्रधान), हेमन्त कुमार (भोला), अशोक कुशवाहा, राहुल सिंह मौजूद रहे।
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आधा सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है जलस्तर
भागलपुर। सरयू नदी ने रौद्र रूप अख्तियार कर लिया है। जिससे गांवों और बंधों पर दबाव बढ़ने लगा है। लगातार बढ़ रही नदी का पानी खतरे के निशान से 1.33 मीटर उपर बह रहा है। जल स्तर में वृद्धि का सिलसिला अभी जारी है। केन्द्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार आधा सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से नदी बढ़ रही है। अगले 24 घंटे नदी के बढ़ने के आसार हैं। खतरे के निशान से 1.33 मीटर उपर बहने से बाढ़ की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। मंगलवार को दो बजे तुर्तीपार रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर 65 मीटर 63 सेमी दर्ज किया गया। छित्तूपुर रेगुलेटर पर रिसाव होने से बांगर की फसल डूबने लगी है। तटीय लोग दहशत में जी रहे हैं। इस बाबत तहसीलदार बरहज जितेंद्र सिंह ने बताया कि नदी के जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है और बाढ़ राहत चौकियों पर बाढ़ राहत कीट पहुंचा दिया गया है। कर्मचारियों को एलर्ट रहने को कहा गया है।
कछार के 116 गांवों पर बाढ़ का खतरा
तहसील मुख्यालय पहुंचे को तय करनी पड़ रही अतिरिक्त दूरी
दोआबा के 52 गांवों में बारिश में लगा बारिश का पानी, फसलें बर्बाद
फोटो समाचार
रुद्रपुर। राप्ती और गोर्रा के जलस्तर में रोज हो रही बढ़ोत्तरी से एक ओर कछार के 116 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है तो वहीं दूसरी ओर बरसात के पानी से दोआबा का पूरा सरेह डूब गया है। नदी का जलस्तर बढ़ने से सरेह में जमा पानी रेगुलेटर से नदी में नहीं जा रहा। इस कारण दोआबा के 52 गांवों में बाढ़ जैैसी हालत बनी है।
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दोआबा में बरसात का पानी जमने से करीब तीन हजार एकड़ फसल जलमग्न हो गई है। वहीं लगभग आधा दर्जन गांवों का संपर्क मार्ग जलमग्न हो गया है। गांवों का संपर्क मार्ग डूबने से लोगों को तहसील मुख्यालय पहुंचने में अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। दो नदियों राप्ती और गोर्रा के बीच बसे दोआबा के 52 गांवों में बाढ़ आने के पहले ही विनाशलीला शुरू हो गई है। फसल डूबने से बर्बाद हो चुके किसानों को बांध कटने पर आशियाना उजड़ने का भय सता रहा है। दोआबा के सचौली पटवनिया और भिरवा गांव को जाने वाला रास्ता डूब जाने से गांव वालों को आवागमन को तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। लोग बंधा होकर नगवा डढ़िया होते हुए रूद्रपुर पहुंच रहे हैं। वहीं गायघाट नकइल मार्ग पर पानी लग जाने से सोनबह, गायघाट, इस्लामाबाद आदि गांवों का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। यहां करीब दो दर्जन गांवों के किसानों की फसल डूब चुकी है। नदी का पानी बंधे पर ठोकर मार रहा है। बांध कटा तो कई गांवों में तबाही मचना तय माना जा रहा है। गांव के सत्यवान यादव, शिवमनोहर, जय सिंह, विजय यादव, छोटेलाल यादव, दुर्ग विजय, ओमप्रकाश सिंह आदि ने कहा कि प्रशासन बांध कटने पर तबाही मचने का इंतजार कर रहा है। दोआबा में एकत्र पानी से किसान पहले ही तबाह हो चुका है। गायघाट की बाढ़ चौकी पर ताला लटक रहा है। उन्होंने प्रशासन से क्षति का मूल्यांकन कर किसानों को मुआवजा देने की मांग की।
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