रुद्रपुर, देवरिया। दो अक्तूबर को फतेहपुर के लेड़हा टोला पर सामूहिक हत्याकांड के बाद रविवार को नवरात्र के पहले दिन गांव में कुछ महिलाओं की चहल कदमी बढ़ी। हालांकि, घरों से निकले लोगों के चेहरे पर पुलिस के सख्त पहरे का असर दिखा। हर मोड़ पर पुलिस घरों से निकली महिलाओं से आने-जाने का कारण पूछ रही थी। महिलाओं ने पहले दिन पूजन-अर्चन कर गांव में शांति के लिए प्रार्थना की।
फतेहपुर के लेहड़ा टोले पर सामूहिक हत्याकांड के बाद गांव में लोग सहमे हुए हैं। गांव में आरोपियों की तलाश के बाद पुलिस की धर पकड़ तेज होने से गांव के अधिकांश पुरुष घर छोड़ कर फरार हो गए हैं। वह अपने रिश्तेदार और अन्य जगह पर हैं। गांव में पुलिस का पहरा तेज और राजनीति गर्म देख गांव की महिलाएं और बच्चे भी घरों से नहीं निकल रहे हैं। खेतों में किसानों की आवाजाही बंद हो गई। खेत में पक कर तैयार धान की फसल को देख रविवार को किसान बाहर निकले। कई किसान खेतों से धान की कटाई करने के बाद उसे लेकर अपने दरवाजे पर गए। महिलाएं गांव के मंदिर पर पहुंच कर देवी दुर्गा की आराधना की। महिलाओं ने कहा कि गांव में अशांति के माहौल से लोगों की जिंदगी प्रभावित हो रही है। पूजा प्रार्थना कर गांव में अमन चैन कायम रहने की मन्नत मांगी गई।
पूर्व सीएम से मिलेंगी सामूहिक हत्याकांड के आरोपियों के घरों की महिलाएं
रुद्रपुर, देवरिया। सोमवार को फतेहपुर पहुंच रहे पूर्व सीएम से सामूहिक हत्याकांड में आरोपी बने लोगों के घर की महिलाएं मिलेंगी। सभी ने पूर्व मुख्यमंत्री से मिलकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करने की बात कही है।
फतेहपुर गांव के लेड़हा टोले में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या के मामले में गांव के परशुराम राजभर, प्रदीप राजभर और बेचू राजभर आरोपी बनाए गए हैं। रविवार को तीनों के घरों की महिलाओं ने कहा कि घटना के समय उनके घर के पुरुष बाहर थे। पुलिस ने बिना वजह उनके घर के पुरुषों को जेल में बंद कर दिया है। वह पूर्व सीएम से मिलकर मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग करेंगी।