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बालकों से अधिक बालिकाएं टीबी रोग से ग्रसित

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बालकों से अधिक बालिकाएं टीबी रोग से ग्रसित
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देवरिया। जनपद में क्षय रोग से पीड़ित मरीजों में सरकारी व निजी अस्पतालों में 143 बच्चे चिह्नित किए गए हैं। इनमें
बालकों से अधिक बालिकाओं की संख्या रही। विभाग की तरफ से मरीजों के इलाज, दवा के साथ ही अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं वहीं निजी अस्पताल के चिकित्सकों को प्रोत्साहन स्वरूप धनराशि भी दी जाती है।
सरकार का क्षय रोग उन्मूलन के 2025 तक का लक्ष्य रखा है। जनपद में जिला क्षय रोग विभाग इस दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है। कोरोना संक्रमण के दौरान विभाग का अभियान बाधित रहा, लेकिन जिला क्षय रोग केंद्र पर मरीजों का इलाज किया गया। बड़ों के साथ ही बच्चों को भी चिह्नित कर इलाज किया जाता है। जनवरी माह से 20 दिसंबर तक जिले में सरकारी व निजी अस्पतालों में शून्य से 15 वर्ष तक के कुल 143 बच्चे टीबी रोग ग्रसित पाए गए, जिसमें 62 बालक तथा 81 बालिकाएं शामिल रहीं। पहले तिमाही में 28 बालक और 26 बालिकाएं, दूसरे में छह बालक और 18 बालिकाएं, तीसरे में 15 बालक और 17 बालिकाएं और चौथी तिमाही में 20 दिसंबर तक 13 बालक व 20 बालिकाएं क्षय रोग से ग्रसित मिलीं। निजी अस्पताल की ओर से चिह्नित बच्चों की जानकारी विभाग को दी गई। चिह्नित सभी बच्चों का उपचार शुरू किया गया। साथ विभाग की ओर मिलने वाली सुविधाएं भी उन्हें मुहैया कराई गईं। बच्चों के पीड़ित मिलने पर विभाग सक्रिय हो गया है। निजी अस्पताल के चिकित्सक को चिह्नित की सूचना देने तथा मरीज के स्वस्थ होने की जानकारी देने पर उन्हें पांच-पांच सौ रुपये की धनराशि उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप विभाग की ओर से प्रदान किया जाता है।
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फेफड़े की टीबी से ग्रसित मिले 86 बच्चे
क्षय रोग में फेफड़े के मरीजों को गंभीर श्रेणी में माना जाता है। ऐसे मरीजों के इलाज के साथ ही उनकी विशेष निगरानी की जाती है। जनपद में पहले तिमाही में शून्य से 15 साल के 29 बच्चे फेफड़े व 25 अन्य अंगों के टीबी रोग से पीड़ित मिले। दूसरे में 18 फेफड़े व छह अन्य अंग वाले, तीसरे में 21 फेफड़े व 11 अन्य अंग तथा चौथे तिमाही में 20 दिसंबर तक 18 फेफड़े व 15 अन्य अंग वाले टीबी से पीड़ित बच्चे मिले।
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क्षय रोग उन्मूलन की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। निजी क्षेत्र के अस्पतालों को रोगी की सूचना देना अनिवार्य है। जनपद में निजी चिकित्सकों की ओर से सहयोग किए जा रहे हैं। इनकी तिमाही बैठक की जाती है और नई सूचनाएं दी जाती हैं। मरीज को सुविधा दी जाती है। निजी अस्पताल के चिकित्सक के चिह्नित मरीज की सूचना देने तथा स्वस्थ होने की जानकारी देने पर पांच-पांच सौ रुपये की धनराशि दी जाती है।
- मृत्युंजय पांडेय, जिला पीपीएम समन्वयक
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